Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryअंबाह के जैन मंदिर में आयोजित चातुर्मास धर्मसभा के दौरान संगममति माताजी ने आत्मचिंतन और साधना को जीवन की सही दिशा बताया। इस अवसर पर महिला मंडल ने सामूहिक पाठ और पंच परमेष्ठी की आरती की।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-b8e3fb8b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआत्मचिंतन और साधना का विशेष काल है चातुर्मास Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंबाह में इन दिनों चातुर्मास के पावन अवसर पर धार्मिक आयोजनों का सिलसिला जारी है। स्थानीय जैन मंदिर में आयोजित धर्मसभा को संबोधित करते हुए संगममति माताजी ने कहा कि चातुर्मास महज धार्मिक कर्मकांडों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आत्मचिंतन, स्वाध्याय और साधना के जरिए जीवन को उचित मार्ग दिखाने वाला स्वर्णिम काल है। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमाताजी ने अपने प्रवचन में इस बात पर जोर दिया कि मनुष्य को अपने मन, वचन और पवित्र कर्मों की शुद्धि पर विशेष ध्यान देना चाहिए। दैनिक जीवन में संयम, त्याग और सदाचार को उतारने से ही जीवन सार्थक बनता है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteश्री आदिनाथ महिला मंडल द्वारा धार्मिक अनुष्ठान Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचातुर्मास के विशेष कार्यक्रमों की श्रृंखला में गुरुवार को श्री आदिनाथ महिला मंडल की ओर से कई धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इस दौरान महिलाओं ने पूरी तन्मयता के साथ सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र और भक्तामर स्तोत्र का पाठ किया। Add text below Add image below06Quote Paragraph Heading Subheading Quoteमन, वचन और कर्म की शुद्धि के साथ संयम, त्याग और सदाचार को अपनाना ही चातुर्मास का वास्तविक उद्देश्य है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपाठ के उपरांत उपस्थित श्रद्धालुओं ने मिलकर पंच परमेष्ठी की आरती की। कार्यक्रम का वातावरण पूरी तरह से भक्तिमय नजर आया और बड़ी संख्या में स्थानीय जैन समाज के लोग इस आयोजन का हिस्सा बने। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशोभायात्रा के साथ हुआ स्वागत Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगुरुवार को आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम से पहले श्री संगममति माताजी की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। माताजी को इसी शोभायात्रा के साथ मुख्य आयोजन स्थल तक लाया गया, जहां श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। Add text below Add image below