Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryपितृपक्ष के दौरान सबलगढ़ के रानी तालाब पर तर्पण करने पहुंच रहे श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। सीढ़ियां और सुरक्षित घाट न होने के कारण लोगों को गहरे पानी में उतरना पड़ रहा है, जिससे बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-b1aac331
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरानी तालाब पर उमड़ रही है तर्पण करने वालों की भीड़ Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंचल के सबलगढ़ स्थित ऐतिहासिक रानी तालाब पर इन दिनों पितरों को तर्पण अर्पित करने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक पहुंच रहे हैं। व्यवस्थाएं दुरुस्त न होने के कारण यहां आने वाले श्रद्धालुओं को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि तर्पण के लिए पहुंचने वाले लोगों को फिसलन भरे किनारों और बिना सीढ़ियों वाले रास्तों से होकर गुजरना पड़ रहा है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबुजुर्गों और श्रद्धालुओं की जान पर मंडरा रहा खतरा Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय निवासी जगदीश प्रसाद गुप्ता ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि शहर के लगभग दो हजार परिवारों के मुखिया तर्पण कर्म के लिए इस तालाब पर आते हैं। इनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग शामिल हैं, जिन्हें घाट के अभाव में सीधे गहरे पानी में उतरना पड़ता है। आगामी अमावस्या पर भीड़ में और अधिक इजाफा होने की संभावना है, जिससे यहां दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ गया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक करोड़ की लागत से हुए सौंदर्यीकरण पर उठे सवाल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन द्वारा इस तालाब के सौंदर्यीकरण और विकास कार्यों पर करीब एक करोड़ एक लाख रुपये की राशि मंजूर की गई थी। इस योजना के तहत अटल मिशन के अंतर्गत वर्ष 2024 में काम शुरू हुआ था। ठेकेदार राकेश शर्मा के अनुसार, परियोजना के तहत तालाब के चारों ओर रास्ता, प्रकाश व्यवस्था और पांच घाटों का निर्माण कराया गया है। हालांकि, जल स्तर अधिक होने या निर्माण के नीचे चले जाने के कारण ये घाट नजर नहीं आ रहे हैं, जिससे लोगों को इनकी कमी महसूस हो रही है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधूरे पड़े कार्यों और भुगतान का विवाद Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteठेकेदार पक्ष का यह भी कहना है कि बरसात का मौसम शुरू होने और पिछले बिलों का भुगतान लंबित होने के कारण वर्तमान में निर्माण कार्य बंद पड़ा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इतनी बड़ी राशि खर्च होने के बावजूद धरातल पर जनता को कोई राहत नहीं मिल पाई है और उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर धार्मिक अनुष्ठान करने पड़ रहे हैं। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने जल्द निरीक्षण कर व्यवस्था सुधारने का दिया भरोसा Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस गंभीर मामले पर नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (सीएमओ) सौरव जैतवार ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि वह निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में पूरा कराने के लिए ठेकेदार से चर्चा करेंगे। वहीं, अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) रामनिवास सिकरवार ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही रानी तालाब और अन्य सार्वजनिक स्थलों का मैदानी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जाएगा। Add text below Add image below