Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश के अंबाह में पांच रुपये में मिलने वाले भोजन की योजना कागजों तक सीमित नजर आ रही है। काम न मिलने पर भूखा मजदूर जब नगर पालिका पहुंचा, तो उसे रसोई बंद मिली और सीएमओ भी मौके पर नहीं मिले।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-aaae98d6
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंबाह क्षेत्र में प्रशासनिक दावों और मैदानी हकीकत के बीच का अंतर एक बार फिर सामने आया है। दिहाड़ी न मिलने और भूख से परेशान एक मजदूर अपनी फरियाद लेकर सीधे नगर पालिका कार्यालय पहुंच गया। मजदूर का दर्द था कि उसे निर्धारित दर पर भोजन तक नसीब नहीं हो रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमजदूर सतीश सिंह की दर्दभरी दास्तान Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित मजदूर सतीश सिंह ने अपनी स्थिति बयां करते हुए बताया कि प्रदेश के अन्य हिस्सों में गरीबों के लिए पांच रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है, लेकिन अंबाह में संचालित होने वाली दीनदयाल रसोई योजना महज शुरुआती कुछ दिनों के बाद से ही पूरी तरह से बंद पड़ी हुई है। लगातार हो रही बारिश की वजह से उसे उस दिन कोई दिहाड़ी मजदूरी भी नहीं मिल पाई थी, जिसके चलते नौबत भुखमरी तक आ गई थी। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबंद पड़ी रसोई और मोबाइल पर आ रहे संदेश Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय निवासी कन्हैया लाल तोमर के साथ भी एक अजीब वाकया सामने आया है। उन्हें अपने मोबाइल फोन पर पांच रुपये में भोजन मिलने का संदेश प्राप्त हुआ, जबकि हकीकत यह है कि रसोई के ताले महीनों से नहीं खुले हैं। इस तकनीकी गफलत और व्यवस्था की लाचारी से परेशान होकर उन्होंने नगर पालिका में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक सफाई और टेंडर प्रक्रिया Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले पर नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) शारिब कौसर का पक्ष भी सामने आया है। उनका कहना है कि इस रसोई के संचालन के लिए अब तक दो बार टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद संचालन शुरू नहीं हो सका है। उन्होंने जल्द ही इसे दोबारा सुचारू रूप से शुरू करवाने का भरोसा दिलाया है, हालांकि हितग्राहियों को गलत संदेश पहुंचने के मसले पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। Add text below Add image below