Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसबलगढ़ के मुख्य मार्गों पर आवारा सांडों का कब्जा होने से राहगीरों और वाहन चालकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आए दिन हमलों में लोग घायल हो रहे हैं और स्थानीय प्रशासन से गुहार के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-a41edb5a
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के सबलगढ़ क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या विकराल रूप लेती जा रही है। शहर के पेट्रोल पंप से लेकर सिविल हॉस्पिटल तिराहे तक शाम ढलते ही छुट्टा सांडों का डेरा जम जाता है। स्थिति यह है कि मुख्य मार्ग किसी अघोषित गौशाला की तरह नजर आते हैं, जिससे आम नागरिकों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराहगीरों पर हमला कर रहे हैं आक्रामक सांड Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय निवासी दौजी राम जाटव का कहना है कि जब इन सांडों को रास्ते से हटाने का प्रयास किया जाता है, तो वे उल्टे हमलावर हो जाते हैं। रहवासी प्रमोद शर्मा ने बताया कि अचानक सड़क पर आ धमकने वाले ये पशु बच्चों और बुजुर्गों को खासतौर पर निशाना बनाते हैं, जिससे पूरे इलाके में भय का माहौल बना हुआ है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteलगता है जाम और हादसों का अंदेशा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़कों के बीचों-बीच डेरा जमाने के कारण मुख्य मार्गों और चौराहों पर यातायात भी बाधित होता है। रात के अंधेरे में बैठे हुए सांड वाहन चालकों को नजर नहीं आते, जिससे गंभीर सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है। नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन नतीजा सिफर है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसोमनाथ उर्फ राजू बाबा, रामकेश, महेश और कैरी सिंह सहित तमाम स्थानीय लोगों ने इन आवारा पशुओं को सुरक्षित गौशालाओं या कांजी हाउस में शिफ्ट किए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि रामपुर रोड पर जनसहयोग से नंदीशाला का निर्माण कराया गया था, फिर भी नगर पालिका द्वारा इन सांडों को वहां नहीं पहुंचाया गया है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल में रोज पहुंच रहे घायल मरीज Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल के डॉक्टर बृजेश गोयल के मुताबिक, रविवार को भी सांड के हमले में कन्हैया और धीरज घायल हो गए, जिनमें कन्हैया की हालत गंभीर है। उन्होंने बताया कि सांडों के हमले से चोटिल होने के ऐसे मामले रोजाना अस्पताल में दर्ज किए जा रहे हैं। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएमओ अतर सिंह रावत ने स्वीकार किया कि शहर में आवारा पशुओं की तादाद बढ़ चुकी है और इनमें कुछ आक्रामक जानवर भी शामिल हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इन मवेशियों को पकड़ने के लिए जल्द ही बड़े वाहन की व्यवस्था की जा रही है। Add text below Add image below