Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले में बरसात का मौसम समाप्त होने के बाद चंबल नदी से होने वाले अवैध रेत उत्खनन को रोकने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। सुप्रीम कोर्ट के सख्त निर्देशों के अनुपालन में जिला टास्क फोर्स ने संवेदनशील घाटों पर चौकसी बढ़ा दी है और अब 16 नई चौकियों से चौबीस घंटे निगरानी की जाएगCategoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-8ea23700
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबरसात के बाद बढ़ी अवैध उत्खनन की आशंका Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना में बरसात का सीजन खत्म होते ही चंबल नदी के इलाके में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खतरा एक बार फिर गहराने लगा है। इस गतिविधि पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट के सख्त दिशा-निर्देशों के बाद जिला टास्क फोर्स पूरी तरह सक्रिय हो गई है। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी सिलसिले में पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना और डीएफओ हरिश्चंद्र बघेल रविवार की देर शाम पुलिस एवं वन विभाग के अमले के साथ चंबल के कई संवेदनशील घाटों का निरीक्षण करने पहुंचे। अधिकारियों की इस टीम ने देर रात तक घाटों पर डेरा डालकर स्थिति का जायजा लिया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसंवेदनशील घाटों और नेशनल हाईवे का निरीक्षण Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदौरे के दौरान अधिकारियों ने राजघाट, रहू घाट, गडौरा घाट, रिठौरा घाट, कुठियाना और चिन्नानी समेत चंबल नदी से जुड़े तमाम संवेदनशील घाटों का प्रत्यक्ष मुआयना किया। इसमें विशेष तौर पर नेशनल हाईवे-44 से जुड़े राजघाट वाले हिस्से पर सुरक्षा और निगरानी का विशेष फोकस रखा गया है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि, अधिकारियों के घाटों पर मौजूद रहने के दौरान रेत से भरी कोई भी ट्रैक्टर-ट्रॉली वहां नहीं पहुंची और न ही मौके पर अवैध उत्खनन के कोई ताजा निशान पाए गए। बावजूद इसके, शहर के भीतर लगातार पहुंच रही रेत के कारण स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं कि यह सामग्री आखिर किन डंपिंग क्षेत्रों से आ रही है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quote16 नई चौकियों से होगी चौबीस घंटे निगरानी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडीएफओ हरिश्चंद्र बघेल ने जानकारी दी कि चंबल के संवेदनशील इलाकों में अवैध रेत के कारोबार पर पूरी तरह लगाम कसने के लिए 16 नई वन चौकियों का निर्माण किया जा रहा है। इन स्थानों पर वन कर्मियों के साथ-साथ एसएएफ का सशस्त्र बल भी तैनात किया जाएगा। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइन सभी चौकियों के जरिए 24 घंटे लगातार निगरानी रखी जाएगी तथा सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता बनाने के लिए सीसीटीवी कैमरों और जीपीएस तकनीक का भी सहयोग लिया जाएगा। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरात्रि गश्त और सख्त कार्रवाई के निर्देश Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने स्पष्ट किया है कि चंबल नदी क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध रेत उत्खनन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसके लिए जिले के सभी संबंधित थाना प्रभारियों और चेकपोस्ट प्रभारियों को सख्त हिदायत दी गई है। Add text below Add image below12Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसपी और डीएफओ पिछले दो दिनों से लगातार रात के वक्त विभिन्न घाटों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं, जिससे अवैध रेत के कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। Add text below Add image below