Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के जोन्हा गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर तीन दिन से भूख हड़ताल पर बैठे नवनीत सिंह तोमर और उनके साथियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर अंबाह जेल भेज दिया है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने उन्हें मेडिकल जांच के बहाने एंबुलेंस में बैठाया और फिर चलती एंबुलेCategoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-8bc1161a
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले की दिमनी विधानसभा क्षेत्र के जोन्हा गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन अब एक नए मोड़ पर आ गया है। पिछले तीन दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे नवनीत सिंह तोमर और उनके कुछ साथियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए अंबाह जेल भेज दिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआंदोलन की पृष्ठभूमि और पुलिस कार्रवाई Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनवनीत सिंह तोमर जोन्हा गांव में सड़क बनाने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से अनशन पर थे। उनके इस आंदोलन को स्थानीय ग्रामीणों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा था। हालांकि, शुक्रवार शाम को हुई बारिश के कारण धरना स्थल पर लोगों की संख्या में कमी आ गई थी, लेकिन नवनीत अपने कुछ सहयोगियों के साथ वहीं डटे हुए थे। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शुक्रवार शाम को एसडीओपी रवि प्रताप भदौरिया के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक दल धरना स्थल पर पहुंचा। पुलिस ने नवनीत सिंह तोमर और उनके साथियों को स्वास्थ्य जांच और उपचार का हवाला देते हुए एंबुलेंस में बैठा लिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्हें अंबाह अस्पताल ले जाने की बात कही गई थी। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआरोप है कि एंबुलेंस को अंबाह की बजाय मुरैना की दिशा में मोड़ दिया गया। इसे देख नवनीत सिंह तोमर और उनके साथी चलती एंबुलेंस से कूद गए। इसके बाद बरेह तिराहे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर सभी आंदोलनकारियों को अपने वाहनों में बैठाया और पहले अंबाह थाने ले गई। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस और प्रशासन का पक्ष Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस घटना पर एसडीओपी रवि प्रताप भदौरिया ने अपना पक्ष रखते हुए बताया कि नवनीत सिंह तोमर और उनके साथियों को केवल मेडिकल परीक्षण के लिए ले जाया जा रहा था। उन्होंने वाहन से कूदने का प्रयास किया, जिसके बाद बरेह गांव के पास हाईवे पर एंबुलेंस रोकनी पड़ी। एसडीओपी ने यह भी बताया कि वहां भी आंदोलनकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया था और हाईवे जाम करने की आशंका बन गई थी। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीओपी भदौरिया के अनुसार, सभी का पहले मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद शांति भंग होने की आशंका को देखते हुए धारा 151 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद नवनीत सिंह तोमर और उनके साथियों को अंबाह जेल भेज दिया गया। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंबाह तहसीलदार नरेश शर्मा ने भी इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस नवनीत तोमर को धारा 151 के तहत कार्रवाई के लिए लेकर आई थी, जिसके बाद उन्हें जेल भेजा गया। उन्होंने पुष्टि की कि मेडिकल परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाते समय नवनीत और उनके साथियों ने एंबुलेंस से कूदने की कोशिश की थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। Add text below Add image below