Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशनि अमावस्या के मौके पर मुरैना के प्राचीन ऐंती धाम में देश के विभिन्न राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हैं। मेले और दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए प्रशासन ने चौदह सौ अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-808fd151
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के प्रसिद्ध ऐंती पर्वत पर स्थित प्राचीन शनि धाम में शनिवार को शनि अमावस्या के पावन पर्व पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। अहले सुबह से ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्तों का तांता लगा रहा। इस धार्मिक आयोजन में हिस्सा लेने के लिए मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे दूर-दराज के राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने संभाली कमान, चौदह सौ कर्मी तैनात Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशनि धाम पर लगने वाले इस बड़े मेले को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के कड़े इंतजाम किए हैं। अपर कलेक्टर अश्वनी कुमार रावत के मुताबिक, इस बार के आयोजन में करीब दस लाख श्रद्धालुओं के यहां आने का आकलन किया गया है। इतनी बड़ी संख्या में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक महकमे के लगभग चौदह सौ अधिकारियों व कर्मचारियों को मुस्तैद किया गया है, जिन्हें अलग-अलग मोर्चों पर जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरामायण काल और त्रेतायुग से जुड़ी है धाम की महिमा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteधार्मिक मान्यताओं के अनुसार मुरैना का यह शनि मंदिर त्रेतायुग और रामायण काल से जुड़ा हुआ एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल माना जाता है। मंदिर के महंत रामदास जी जानकारी देते हैं कि यहां स्थापित भगवान शनिदेव की प्रतिमा मानव रूप में विराजमान है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब हनुमान जी माता सीता की तलाश में लंका गए थे, तब रावण की कैद से शनिदेव को मुक्त कराया था। इसके बाद शनिदेव ने हनुमान जी से ऐसी सुरक्षित जगह पर पहुंचाने का निवेदन किया था, जहां रावण का प्रभाव न पहुंच सके। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमान्यता है कि तब हनुमान जी ने अपनी शक्ति से शनिदेव को लंका से दूर फेंका था, जो मुरैना के पुराने विंध्याचल यानी ऐंती पर्वत पर आकर स्थापित हुए। इसी स्थान पर उन्होंने तपस्या कर पुनः अपनी शक्तियां प्राप्त की थीं, जिसके चलते यह मंदिर देश भर के सनातन प्रेमियों और शनि भक्तों के लिए अगाध आस्था का केंद्र बना हुआ है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसाठ साल पुराना सेवा कार्य और भंडारे का आयोजन Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमेले के दौरान मंदिर परिसर में आने वाले भक्तों के लिए महाप्रसाद और भंडारे का भी प्रबंध किया गया है। राजस्थान के सिरसा से आए विवेक गर्ग ने बताया कि उनका शनि भंडारा ट्रस्ट पिछले पचास वर्षों से निरंतर यहां आकर सेवा कार्य कर रहा है। राजस्थान के समर्पित लोग हर साल शनि अमावस्या पर मिलकर इस भंडारे को संचालित करते हैं। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविवेक गर्ग का कहना है कि उन्हें शनिदेव के आशीर्वाद से जीवन में काफी सफलता और शांति प्राप्त हुई है, और इसी कृतज्ञता के भाव के साथ वे हर वर्ष यहां आकर श्रद्धालुओं की सेवा करते हैं तथा प्रसाद वितरण का कार्य संभालते हैं। Add text below Add image below