Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा नगर में संभाग स्तरीय भारतीय विज्ञान एवं वैदिक गणित मेले का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में ग्वालियर, भिंड और मुरैना के करीब 200 विद्यार्थियों ने अपने मॉडल और प्रस्तुतियां दीं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-765a3431
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना के सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा नगर में रविवार को संभाग स्तरीय भारतीय विज्ञान एवं वैदिक गणित मेले का भव्य आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक कार्यक्रम में ग्वालियर, भिंड और मुरैना जिलों के लगभग 200 प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने विज्ञान और गणित विषय से जुड़े विभिन्न आकर्षक मॉडल और प्रस्तुतियां मंच पर रखीं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमानव कल्याण के लिए हो विज्ञान का उपयोग: डॉ. योगेंद्र मावई Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित डॉ. योगेंद्र मावई ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान दौर पूरी तरह विज्ञान को समर्पित है। विज्ञान की आधुनिक खोजों और चमत्कारों ने आम इंसान के दैनिक जीवन को बेहद आसान, सुगम और आरामदायक बना दिया है। उन्होंने रेखांकित किया कि विज्ञान मूल रूप से मानवता के लिए एक बड़ा वरदान है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि, उन्होंने आगाह किया कि इसके गलत इस्तेमाल से परमाणु हथियारों जैसे भयानक और विनाशकारी परिणाम भी पैदा हो सकते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि विज्ञान का प्रयोग हमेशा मानव कल्याण के कार्यों के लिए ही किया जाए। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे मेलों के जरिए प्राचीन भारतीय विज्ञान पद्धतियों को आज के शोध के साथ जोड़कर बच्चों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित किया जाता है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनवाचार से ही संभव है विकसित भारत का सपना Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडॉ. मावई ने आगे कहा कि देश में नए नवाचारों और आधुनिक प्रयोगों को अपनाकर ही 'विकसित भारत' के संकल्प को पूरी तरह साकार किया जा सकता है। कार्यक्रम में मौजूद अतिरिक्त शासकीय अभिभाषक संदीप मिश्रा ने वैदिक गणित के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंदीप मिश्रा ने बताया कि वैदिक गणित गणना करने की एक अत्यंत तीव्र और प्रभावशाली पद्धति है। स्वामी भारती कृष्ण तीर्थ ने वेदों में वर्णित 16 सूत्रों और 13 उपसूत्रों को आधार बनाकर इस गणितीय प्रणाली को विकसित किया था। इस पद्धति के उपयोग से जटिल गणनाएं बहुत आसान हो जाती हैं और विद्यार्थियों के मन से गणित का पुराना डर भी काफी हद तक कम हो जाता है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगणित मेले में अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसंभाग स्तरीय इस आयोजन के दौरान मंच पर सुनील दीक्षित और अंजू शर्मा विशेष रूप से आसीन रहे। कार्यक्रम के दौरान पधारे सभी अतिथियों का औपचारिक परिचय रवि उप्रेती द्वारा कराया गया। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यक्रम को सफल बनाने में विनीत दीक्षित, प्रमोद शर्मा, सुधा तोमर और दिलीप शर्मा ने अतिथियों का स्वागत किया। इस पूरे संभाग स्तरीय विज्ञान और वैदिक गणित मेले का संचालन संदीप तोमर द्वारा किया गया। Add text below Add image below