Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के शासकीय महाविद्यालयों और छात्रावासों में जर्जर भवनों में हो रही पढ़ाई को लेकर उच्च शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर को निर्देश दिए गए हैं कि असुरक्षित कमरों को तुरंत बंद कराकर विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-71769854
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअसुरक्षित भवनों में पढ़ाई पर लगी रोक Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के शासकीय महाविद्यालयों में जर्जर और क्षतिग्रस्त हो चुके भवनों में अपनी जान जोखिम में डालकर पढ़ रहे विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उच्च शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। हाल ही में कॉलेजों और छात्रावास परिसरों में हुई घटनाओं के बाद शासन ने जिला प्रशासन को पत्र लिखकर तत्काल प्रभाव से ऐसे भवनों में कक्षाएं बंद कराने के निर्देश दिए हैं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबैरीकेडिंग लगाकर प्रवेश रोकने के निर्देश Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउच्च शिक्षा आयुक्त द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि क्षतिग्रस्त कमरे, प्रयोगशालाएं और भवन परिसर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों के साथ-साथ अन्य स्टाफ सदस्यों के लिए भी गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं। ऐसे जोखिम भरे स्थलों पर किसी भी प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियां संचालित न किए जाने की हिदायत दी गई है। इसके साथ ही, इन असुरक्षित हिस्सों के आसपास बैरिकेडिंग करके विद्यार्थियों और आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह पाबंदी लगाने को कहा गया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनिर्माण एजेंसियां करेंगी तकनीकी जांच Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासनिक स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित निर्माण एजेंसियों को कॉलेजों और छात्रावासों के जर्जर हिस्सों का तकनीकी परीक्षण करने के आदेश जारी किए गए हैं। जांच प्रक्रिया में जिन इमारतों की मरम्मत या रिनोवेशन की आवश्यकता सामने आएगी, वहां प्राथमिकता के आधार पर सुधार कार्य पूरा कराया जाएगा। विभाग ने यह भी साफ किया है कि छात्र हित और उनकी सुरक्षा के मामले में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबदलेगा टाइम-टेबल और होगी वैकल्पिक व्यवस्था Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteखतरनाक कमरों को बंद किए जाने से पठन-पाठन पर कोई असर न पड़े, इसके लिए महाविद्यालयों में उपलब्ध सुरक्षित कमरों के आधार पर समय-सारणी यानी टाइम-टेबल में बदलाव किया जाएगा। जरूरत पड़ने पर एक ही सुरक्षित कमरे का इस्तेमाल अलग-अलग कक्षाओं के संचालन के लिए किया जा सकेगा। इसके अलावा, यदि किसी कॉलेज में पर्याप्त सुरक्षित कमरे नहीं मिलते हैं, तो जिला प्रशासन द्वारा किसी अन्य वैकल्पिक भवन या स्थान का इंतजाम किया जाएगा। Add text below Add image below