Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के सबलगढ़ स्थित पुराने अस्पताल परिसर की करीब 40 साल पुरानी लैब बिल्डिंग बेहद खस्ताहाल हो चुकी है। बारिश के कारण इसकी छत और दीवारें लगातार दरक रही हैं, जिससे स्थानीय नागरिकों और कर्मचारियों में बड़े हादसे का डर बना हुआ है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-5acb2503
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के सबलगढ़ में स्वास्थ्य विभाग से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां पुराने अस्पताल परिसर के भीतर स्थित लगभग 40 साल पुरानी लैब की इमारत पूरी तरह जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। देखरेख के अभाव में इस पुरानी संरचना की हालत लगातार बदतर होती जा रही है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदीवारों और छत में आई बड़ी दरारें Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलगातार हो रही बारिश के चलते इस पुरानी बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुंचा है। टीबी कक्ष के पीछे की दीवार और छत काफी क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिसमें जगह-जगह बड़ी दरारें उभर आई हैं। इन दीवारों के भीतर लगे लोहे के सरिए भी अब जंग लगने के कारण बाहर झांकने लगे हैं। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपानी टपकने और जमा होने से बढ़ा खतरा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि बरसात के मौसम में भवन की छत से लगातार पानी टपकता रहता है और आसपास जलभराव की स्थिति बन जाती है। शहर के घनी आबादी वाले क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां आम लोगों और मरीजों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है, जिससे कभी भी कोई अनहोनी हो सकती है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकर्मचारियों के मुताबिक पिछले छह-सात वर्षों से इस भवन की स्थिति तेजी से बिगड़ रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की इंजीनियरिंग शाखा की तरफ से इसकी मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबंद पड़ा है लाखों की लागत से बना पोस्टमार्टम रूम Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी पुराने अस्पताल परिसर में करीब पांच साल पहले लगभग 15 लाख रुपए खर्च करके एक नया पोस्टमार्टम रूम तैयार किया गया था। हालांकि, स्वास्थ्य कर्मियों के विरोध के चलते इसका संचालन कभी शुरू नहीं हो पाया। वर्तमान में अधिकांश कर्मचारी आसपास बने पुराने और क्षतिग्रस्त सरकारी क्वार्टरों को छोड़कर जा चुके हैं, ऐसे में अब इस बंद पड़े पोस्टमार्टम रूम के उपयोग की मांग भी उठने लगी है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय नागरिक केदार मौर्य का कहना है कि पोस्टमार्टम रूम के समीप स्थित इस भवन के दरवाजे टूट चुके हैं और छत तथा दीवारों की ईंटें गिर रही हैं। नागरिकों का मानना है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण यहां कभी भी कोई बड़ा जानलेवा हादसा घटित हो सकता है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए सीबीएमओ डॉ. आरएन शर्मा ने स्वीकार किया है कि पुराने अस्पताल का लैब कक्ष क्षतिग्रस्त हो रहा है। उन्होंने कहा कि भवन की वर्तमान स्थिति से उच्च स्तर पर अवगत कराते हुए नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। Add text below Add image below