Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryश्राद्ध पक्ष के समापन पर शनिवार को मुरैना में क्वारी नदी के तट पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। लोगों ने विधि-विधान से पूर्वजों का तर्पण कर उनकी आत्मा की शांति की कामना की।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-59a8efa6
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteक्वारी नदी के तट पर जुटा श्रद्धालुओं का जनसमूह Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्राद्ध पक्ष के अंतिम दिन शनिवार को मुरैना स्थित क्वारी नदी के घाटों पर सुबह से ही भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। सैकड़ों की संख्या में पहुंचे लोगों ने नदी के तट पर पहुंचकर अपने दिवंगत पूर्वजों का स्मरण किया और पूरे विधि-विधान के साथ तर्पण व अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस दौरान नदी किनारे का पूरा इलाका धार्मिक और आध्यात्मिक माहौल में रंगा नजर आया। श्रद्धालुओं ने अपने परिजनों की आत्मा की शांति के साथ-साथ अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए ईश्वर से प्रार्थना की और पितरों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसनातन परंपरा में पितृ पक्ष का महत्व Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहिंदू धर्म मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष की अवधि पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने और उन्हें याद करने का सबसे खास समय होती है। इस दौरान नदी, सरोवरों और अन्य पवित्र स्थलों पर पहुंचकर पिंडदान, श्राद्ध और दान-पुण्य करने की प्राचीन परंपरा रही है, जिसका निर्वहन क्वारी नदी के तट पर भी बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने किया। Add text below Add image below06Quote Paragraph Heading Subheading Quoteसनातन धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। यह अवधि अपने पूर्वजों को याद करने और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर देती है। इन कर्मों के माध्यम से लोग अपने दिवंगत परिजनों का स्मरण करते हैं और परिवार की परंपराओं को आगे बढ़ाते हैं। - पंडित बलदाऊ शास्त्री Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअब रविवार से शुरू होगी शारदीय नवरात्र की धूम Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपितृ पक्ष के अंतिम दिन विभिन्न धार्मिक कर्मकांड पूरा करने के साथ ही लोगों ने अपने पूर्वजों को विदाई दी। इस अवसर पर घर-घर में पारिवारिक परंपराओं का पालन करते हुए अनुष्ठान किए गए। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी ओर, अब शारदीय नवरात्र को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक तैयारियां जोरों पर हैं। रविवार को घरों में कलश यानी घट स्थापना की जाएगी और विभिन्न स्थानों पर माता रानी के भव्य दुर्गा पांडाल सजाए जाएंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बन गया है। Add text below Add image below