Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल क्षेत्र के अंबाह में खाद वितरण को सुचारू बनाने के लिए प्रशासन ने ई-टोकन व्यवस्था अनिवार्य कर दी है। तहसीलदार ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फार्मर आईडी को तुरंत चालू करवाएं ताकि खाद मिलने में कोई असुविधा न हो।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-595e6af6
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअंबाह में खाद वितरण के नए नियम लागू Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय किसानों को समय पर और व्यवस्थित रूप से खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अंबाह क्षेत्र में अब उर्वरक का वितरण पूरी तरह से ई-टोकन व्यवस्था के जरिए ही किया जाएगा। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस संबंध में तहसीलदार नरेश शर्मा ने गुरुवार को एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने अन्नदाताओं से आग्रह किया है कि वे अपनी फार्मर आईडी को सक्रिय करवाएं और उसमें अपने सर्वे नंबर भी समय पर दर्ज कराएं। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपटवारियों को दिए गए त्वरित समाधान के निर्देश Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने मैदानी अमले को भी इस प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। तहसीलदार ने सभी पटवारियों को निर्देशित किया है कि वे उन किसानों की समस्याओं का तुरंत निराकरण करें जिनकी फार्मर आईडी चालू नहीं है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों का मानना है कि इस व्यवस्था के लागू होने से वितरण केंद्रों पर लगने वाली लंबी कतारों और अफरा-तफरी से राहत मिलेगी, जिससे किसानों को बिना किसी परेशानी के खाद मिल सकेगी। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपहले रोक के बाद अब बदली गई प्रक्रिया Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगौरतलब है कि इससे पहले 14 अगस्त को किसान कल्याण एवं कृषि विभाग ने एक आदेश जारी किया था। भारत सरकार के आईएमएफएस पोर्टल और प्रदेश के उर्वरक विक्रेताओं के स्टॉक के मिलान न होने के कारण आगामी आदेश तक खाद के विक्रय पर रोक लगा दी गई थी। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउक्त तिथि को शाम 7 बजे तक किसानों को बिना ई-टोकन के सामान्य रूप से खाद बांटी जा रही थी। अब नई और पारदर्शी ई-टोकन व्यवस्था के दोबारा प्रभावी होने के बाद, क्षेत्र के किसानों को केवल ई-टोकन के माध्यम से ही उर्वरक का वितरण किया जाएगा। Add text below Add image below