Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के अंबाह में खाद वितरण प्रणाली में अनियमितता सामने आने से अन्नदाता परेशान हैं। टोकन जमा कराने के बाद भी खाद न मिलने और मोबाइल पर उठाव का मैसेज आने पर किसानों ने नाराजगी जताई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-574db94c
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअंबाह क्षेत्र में इन दिनों किसानों को खाद की किल्लत के साथ-साथ ऑनलाइन व्यवस्था की खामियों का भी सामना करना पड़ रहा है। ई-टोकन के जरिए खाद वितरण प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया है, जिससे स्थानीय किसानों में भारी रोष व्याप्त है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteघंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटे किसान Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजल का नगरा गांव के रहने वाले किसान रामनिवास शर्मा ने इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाई है। उनका कहना है कि वे कई दिनों तक सरकारी खाद गोदाम के चक्कर काटते रहे, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। सुबह से शाम तक इंतजार करने के बावजूद उन्हें खाद नहीं दी गई। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteटोकन जमा करवाकर उठाव का फर्जी मैसेज भेजने का आरोप Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपीड़ित किसान के मुताबिक, उन्होंने 14 अक्टूबर को खाद के लिए ई-टोकन लिया था। गोदाम पर उनका टोकन भी जमा करवा लिया गया, लेकिन खाद देने के बजाय टालमटोल की गई। कुछ समय बाद उनके मोबाइल फोन पर खाद मिलने का मैसेज आ गया, जबकि गोदाम का स्टॉक शून्य बताया गया। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों का आरोप है कि टोकन की अवधि समाप्त होने के अंतिम दिन उन्हें गोदाम पर बैठाए रखा जाता है। इस दौरान कर्मचारियों द्वारा टोकन स्कैन कर कागजों में खाद का उठाव दर्ज कर लिया जाता है और सर्वर धीमा होने का बहाना बनाकर किसानों को वापस लौटा दिया जाता है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबाजार से ऊंचे दामों पर खाद खरीदने की मजबूरी Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसरकारी गोदामों से समय पर खाद न मिलने के कारण किसानों को मजबूरन खुले बाजार से अधिक दाम चुकाकर खाद खरीदनी पड़ रही है। इस आर्थिक नुकसान और धोखाधड़ी से परेशान होकर रामनिवास शर्मा ने सीएम हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई है और मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए खाद गोदाम प्रभारी उमेश बरेलिया ने कहा कि यदि ऐसा कोई मामला सामने आया है तो वे इसकी पूरी जांच करवाएंगे। वहीं, एसडीएम प्रतिज्ञा शर्मा का कहना है कि अभी तक कोई किसान व्यक्तिगत रूप से उनके पास शिकायत लेकर नहीं आया है। शिकायत मिलने पर उचित कार्रवाई और समाधान किया जाएगा। Add text below Add image below