Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के रतन बसई गांव में खेत में फेंसिंग के खंभे गाड़ने को लेकर हुए खूनी संघर्ष में घायल हुए धर्मेंद्र तोमर की आगरा में उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत के बाद आक्रोशित परिजनों ने हत्या की धाराएं बढ़ाने और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर अंबाह के पोरसा चौराहे पर जामCategoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-432151b3
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के अंबाह थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले रतन बसई गांव में जमीन के एक मामले को लेकर हुए विवाद में घायल हुए धर्मेंद्र तोमर ने मंगलवार को आगरा के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वह पिछले पांच दिनों से जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे थे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखेत में मुड्डी गाड़ने के विरोध पर हुआ था खूनी हमला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के संबंध में मृतक के भाई सोनू तोमर ने जानकारी दी कि बीती 9 अक्टूबर को गांव के ही पप्पू तोमर, हरिओम तोमर और उनके अन्य साथी जबरन उनके खेत में फेंसिंग के लिए मुड्डी यानी तार के खंभे गाड़ रहे थे। जब धर्मेंद्र ने इसका विरोध जताया, तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए लाठियों से जानलेवा हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपरिजनों का आरोप है कि जब धर्मेंद्र को बचाने उनकी पत्नी काजल और बहन सपना आईं, तो आरोपियों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। आरोप है कि हमलावर पप्पू ने सपना के पेट में बल्ला यानी भाला घोप दिया था, जिससे महिलाएं भी घायल हो गईं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहत्या की धाराएं जोड़ने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे परिजन Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना के बाद पुलिस ने शुरुआती तौर पर मामूली धाराओं में मामला दर्ज किया था। धर्मेंद्र की मौत की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण उग्र हो गए तथा पोरसा चौराहे पर शव रखकर चक्काजाम कर दिया। महिलाओं ने सड़क पर बैठकर रास्ता रोक लिया, जिससे चौराहे पर करीब एक घंटे तक वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बाधित रही और लंबा जाम लग गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन कर रहे परिजनों का कहना था कि पुलिस ने अब तक आरोपियों पर हत्या की धाराएं नहीं जोड़ी हैं और न ही अन्य दोषियों के नाम मुकदमे में बढ़ाए गए हैं, जिसके चलते उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीओपी के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ धरना Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteचक्काजाम की सूचना मिलते ही अंबाह एसडीओपी प्रशांत भदौरिया भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने नाराज परिजनों से बातचीत की और उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस अधिकारियों द्वारा एफआईआर में हत्या की धाराएं जोड़ने और जांच के आधार पर अन्य आरोपियों के नाम शामिल करने का आश्वासन दिए जाने के बाद परिजन शांत हुए। प्रशासन के इस भरोसे के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ और पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति सामान्य हुई। Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके पश्चात शाम करीब 7 बजे परिजन पोस्टमार्टम हाउस में रखे धर्मेंद्र के शव को अपने पैतृक गांव लेकर रवाना हुए, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। Add text below Add image below