Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसबलगढ़ के ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे और दोनों विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-3c80a051
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसबलगढ़ में शुक्रवार को महात्मा गांधी की 157वीं और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर स्थानीय गांधी पार्क स्थित ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में सुबह साढ़े ग्यारह बजे एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगांधी पार्क में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआयोजन के दौरान क्षेत्रीय विधायक बैजनाथ कुशवाहा समेत तमाम स्थानीय नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस मौके पर वक्ताओं ने दोनों महापुरुषों के जीवन दर्शन को आत्मसात करने का आह्वान किया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteचंपारण आंदोलन से पड़ी स्वतंत्रता संग्राम की नींव Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यक्रम में महात्मा गांधी के ऐतिहासिक संघर्षों को याद किया गया। चर्चा के दौरान बताया गया कि बापू द्वारा शुरू किया गया चंपारण का नीलहा आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का एक मजबूत आधार स्तंभ बना था। ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ यह देश की पहली बड़ी अहिंसक चुनौती थी, जिसने औपनिवेशिक शासन की जड़ों को हिलाकर रख दिया था। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहरित क्रांति से देश को मिली आर्थिक मजबूती Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यक्रम में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के योगदान को भी शिद्दत से याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि शास्त्री जी के नेतृत्व में आई हरित क्रांति ने भारत को आर्थिक और कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का काम किया। यह एक ऐसा कदम था जिसने देश को गंभीर खाद्यान्न संकट से उबारा और भूख तथा गरीबी के विरुद्ध प्रभावी जंग लड़ी। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइतिहासकारों के हवाले से कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि वर्ष 1917 का चंपारण नील सत्याग्रह और 1960 के दशक की हरित क्रांति भारत के आधुनिक इतिहास की दो ऐसी महान क्रांतियां हैं, जिन्होंने देश की दिशा और दशा हमेशा के लिए बदल दी। Add text below Add image below