Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसबलगढ़ शहर के मुख्य बाजार में बस स्टैंड स्थित होने के कारण दिनभर यातायात बाधित रहता है। स्थानीय नागरिकों ने इस अव्यवस्था से निजात पाने के लिए बस स्टैंड को निर्माणाधीन बाईपास पर शिफ्ट करने की जोरदार मांग उठाई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-2f00f891
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के सबलगढ़ कस्बे में करीब ढाई लाख की आबादी के लिए बना मौजूदा बस स्टैंड शहर के मध्य में स्थित होने के कारण गले की फांस बन गया है। इस मुख्य केंद्र पर सुविधाओं का भारी अभाव है, जिसके चलते रोजाना यात्रियों के साथ-साथ आम नागरिकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबाजारों में बसों के रुकने से बिगड़ती है ट्रैफिक व्यवस्था Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteक्षेत्र में कोई सुव्यवस्थित बस अड्डा न होने की वजह से बसें सीधे बाजारों के बीचोंबीच खड़ी होती हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। यात्रियों को सड़कों के किनारे खड़े होकर गाड़ियों का इंतजार करना पड़ता है, जिससे आवागमन पूरी तरह अवरुद्ध हो जाता है। दोपहर और शाम के वक्त हालात इतने बदतर हो जाते हैं कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थिति को और बिगाड़ने में ई-रिक्शा और ऑटो की अनियंत्रित आवाजाही भी बड़ी वजह है। राम मंदिर तिराहे और मुख्य बस स्टैंड के पास ये वाहन आड़े-तिरछे खड़े रहते हैं, जिससे चौराहों की सुंदरता पर तो असर पड़ ही रहा है, साथ ही ट्रैफिक नियमों की धज्जियां भी उड़ रही हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteढाई दशक पुरानी योजना आज भी अधूरी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय इतिहास के मुताबिक करीब 25 साल पहले पशु चिकित्सा विभाग की जमीन को बस अड्डे के निर्माण के लिए चिन्हित किया गया था। इस भूखंड पर नगर पालिका ने दुकानें तो खड़ी कर दीं, लेकिन आज तक यात्रियों के लिए किसी प्रकार की बुनियादी बस स्टैंड सुविधा विकसित नहीं की जा सकी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्तमान परिसर में न तो यात्रियों के बैठने की ढंग की व्यवस्था है और न ही चालकों के लिए कोई सहूलियत। बसों के आवागमन से जुड़ी जानकारी देने वाले डिस्प्ले बोर्ड तक यहां नहीं लगे हैं। इसके अलावा शहर में मंडी संतर नंबर 5 के सामने यात्री बसें और नंबर 3 के समीप भारी वाहन खड़े होने से कई अघोषित बस अड्डे चल रहे हैं। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबाईपास पर स्टैंड ले जाने की उठी मांग Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteनगर से हर रोज एक00 से अधिक सामान्य बसें और 10 से 12 स्लीपर बसें संचालित होती हैं, लेकिन यात्रियों को कोई सुविधा नहीं मिल रही। जाम के नासूर बन चुके इस संकट को टालने के लिए बस स्टैंड को तुरंत नवीन बाईपास मार्ग पर स्थानांतरित किया जाना चाहिए। - रोशन लाल हरदैनिया, स्थानीय निवासी Add text below Add image below