Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना के पीएम श्री विद्यालय गलेथ में पर्यावरण संरक्षण को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। वक्ताओं ने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे विद्यार्थियों को प्रकृति से जोड़कर पर्यावरण बचाने के जनआंदोलन की शुरुआत करें।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-2dcdeb6e
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteप्रकृति से जुड़ाव और शिक्षकों की अहम भूमिका Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के पीएम श्री विद्यालय गलेथ में शनिवार को पर्यावरण संरक्षण विषय पर एक महत्वपूर्ण चर्चा का आयोजन किया गया। इस दौरान बिस्मिल फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं पूर्व प्राचार्य डॉ. नरेश सिंह सिकरवार ने मुख्य वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि स्कूलों को पर्यावरण बचाने वाले जनआंदोलन का मुख्य केंद्र बनना चाहिए और शिक्षकों को इसमें 'चेंज मेकर' के तौर पर अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविद्यार्थियों को किताबों से बाहर लाकर दें जिम्मेदारी Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडॉ. सिकरवार ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि पर्यावरण की सुरक्षा महज़ सरकार या किसी एक संस्था का जिम्मा नहीं है, बल्कि यह हर एक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को केवल पाठ्यपुस्तकों तक ही सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें सीधे तौर पर प्रकृति से जोड़ा जाना चाहिए। छात्र-छात्राओं को पौधे लगाने और उनकी নিয়মিত देखभाल करने का अवसर मिलने से उनमें सामाजिक सहभागिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही जैसे गुण विकसित होते हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजलवायु चुनौतियों से निपटने के लिए जनभागीदारी जरूरी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्तमान समय में लगातार बढ़ रहा तापमान, वायु प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और कम होती हरियाली जैसी गंभीर समस्याओं से निपटने के लिए जनसहभागिता बेहद आवश्यक है। विद्यालय स्तर पर पौधारोपण के साथ-साथ जल संरक्षण और स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों का भी नियमित संचालन किया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान प्रभारी प्राचार्य भारत सिंह ने भी विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि केवल पौधे लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि उनके बड़ा होकर वृक्ष बनने तक उनकी पूरी सुरक्षा करनी चाहिए। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रभारी प्राचार्य ने छात्र-छात्राओं से यह भी अपील की वे अपने परिवार के सदस्यों और आस-पास के लोगों को भी पर्यावरण बचाने के लिए जागरूक करें। इस अवसर पर विनोद सिकरवार, रामबरन शर्मा, जितेंद्र सिकरवार, शिवराज जालौन, राजेंद्र शर्मा, विनोद शर्मा, रवि राजपूत और रश्मि अग्निहोत्री समेत कई शिक्षक, बिस्मिल संस्थान के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे। Add text below Add image below