Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryपोरसा के पंडितनन का पुरा गांव में सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी नहीं थमा। कीचड़ और दलदल से भरी छह किलोमीटर लंबी इस सड़क के कारण मरीजों और स्कूली बच्चों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-1d9608bf
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपक्की सड़क की मांग पर अड़े ग्रामीण Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के पोरसा जनपद अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत अजेड़ा के पंडितनन का पुरा गांव में पक्की सड़क की मांग को लेकर चल रहा ग्रामीणों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। स्थानीय लोग पिछले कई10 वर्षों से करीब छह किलोमीटर लंबी इस बदहाल सड़क के स्थायी निर्माण की गुहार लगा रहे हैं। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबरसात के मौसम में इस मार्ग की स्थिति बेहद दयनीय हो जाती है। कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाने के कारण इस रास्ते पर पैदल चलना भी दूभर हो जाता है, जिससे क्षेत्रीय आवागमन पूरी तरह से प्रभावित होता है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमरीजों और स्कूली बच्चों की बढ़ी मुश्किलें Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़क पर बने दलदल और जलभराव का सीधा असर बच्चों और बीमार लोगों पर पड़ रहा है। आपात स्थिति में मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए एंबुलेंस या अन्य वाहन तक गांव तक नहीं पहुंच पाते हैं। इसके अलावा, स्कूल के आसपास पानी भरने के कारण छोटे बच्चों को भी विद्यालय जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन कर रहे युवाओं ने दो टूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया है कि जब तक प्रशासन उनकी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं करता, तब तक उनका यह धरना-प्रदर्शन यूं ही जारी रहेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यह मार्ग पहले मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत आता था, जिसे बाद में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल कर लिया गया। साथ ही, गांव के भीतर हुए अतिक्रमण के चलते रास्ता भी काफी संकरा हो गया है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का आश्वासन Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले पर ग्राम पंचायत के सरपंच हरेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि ग्रामीणों की मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया गया है, जिसके बाद रास्ते की मरम्मत के निर्देश मिले हैं। फिलहाल सड़क का लेबलिंग कर अस्थायी तौर पर सुधार कार्य किया जा रहा है और बजट स्वीकृत होने पर यहां पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं, पोरसा जनपद की सीईओ सुनीता शर्मा ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि यह सड़क प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत स्वीकृत हुई है और इसका निर्माण जनपद स्तर से नहीं होना है। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया है कि पक्की सड़क बनने तक आवागमन को सुगम बनाने के लिए जल्द ही गिट्टी और बजरी डलवाने का कार्य शुरू किया जाएगा ताकि लोगों को फौरी राहत मिल सके। Add text below Add image below