Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के जौरा थाने में पदस्थ एक हेड कॉन्स्टेबल और वकील के बीच बातचीत का ऑडियो सामने आया है। इसमें चालान कोर्ट में पेश करने और थाना प्रभारी के हस्ताक्षर कराने के नाम पर रुपयों के लेनदेन की बात कही जा रही है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-story-042b3367
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमध्यप्रदेश के मुरैना जिले के जौरा थाने से जुड़ा एक ऑडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में थाने में पदस्थ हेड कॉन्स्टेबल नीरज तोमर और एक वकील के बीच बातचीत हो रही है, जिसमें कोर्ट में चालान पेश करने और उस पर अधिकारियों के हस्ताक्षर कराने के एवज में पैसों की मांग की जा रही है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरुपयों के सौदे को लेकर लंबी बातचीत Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवायरल ऑडियो में सुनाई दे रहा है कि वकील चालान पर हस्ताक्षर कराने को लेकर बात कर रहा है। शुरुआती बातचीत में रकम तय करने को लेकर मोलभाव होता है। हेड कॉन्स्टेबल का कहना है कि संबंधित अधिकारी बिना राशि लिए हस्ताक्षर नहीं करते हैं, जिसके चलते तय प्रक्रिया के तहत भुगतान करना पड़ता है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबातचीत के दौरान कंप्यूटर ऑपरेटर और कोर्ट मुंशी का भी जिक्र आता है। हेड कॉन्स्टेबल का दावा है कि इस पूरी प्रक्रिया में कई स्तरों पर खर्चा होता है, जिसमें कोर्ट मुंशी के रूप में धर्मेंद्र भदौरिया का नाम भी लिया जाता है। हालांकि इस वायरल ऑडियो की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteथाना प्रभारी और अन्य मदों में खर्च का दावा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteऑडियो में आगे बातचीत के दौरान थाना प्रभारी को भी राशि देने की बात कही जाती है। जब वकील इसे सहयोग राशि के रूप में लेने की बात कहता है, तो हेड कॉन्स्टेबल इसे मजाकिया अंदाज में 'बर्थडे गिफ्ट' करार देता है। बातचीत में यह भी कहा जाता है कि अधिकारी तभी कागजों पर मुहर लगाएंगे जब नियमों के दायरे से हटकर बात बनेगी। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा बातचीत में सोने के मामलों से जुड़ी रकम का भी जिक्र आता है। हेड कॉन्स्टेबल और वकील के बीच सोने की बरामदगी होने पर मिलने वाली संभावित राशि को लेकर चर्चा होती है, जिसमें 20 से 30 हजार रुपए तक की बात कही जाती है। बातचीत के अंत में हेड कॉन्स्टेबल का मुख्य फोकस अगले दिन हर हाल में चालान कोर्ट में पेश करने पर रहता है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों की प्रतिक्रिया और जांच के निर्देश Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले में जब जौरा थाना प्रभारी एसआई पंकज यादव से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया। बाद में फोन उठाने पर उन्होंने व्यस्त होने का हवाला देकर बात बाद में करने की बात कही और फोन काट दिया। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं, जौरा के एसडीओपी नितिन बघेल का कहना है कि पुलिस के पास भी यह ऑडियो पहुंच चुका है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले इस ऑडियो की सत्यता की जांच की जाएगी। इसके बाद हेड कॉन्स्टेबल और थाना प्रभारी से पूछताछ की जाएगी और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below