Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के रामपुरकलां थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पुलिस ने विद्युत विभाग के कनिष्ठ अभियंता से मारपीट करने वाले आरोपियों को बिना कार्रवाई के छोड़ दिया, वहीं एक फल विक्रेता की दो लाख रुपए की चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज नहीं की गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-fir-894cf9ab
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के रामपुरकलां थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि थाना क्षेत्र में मारपीट और चोरी जैसे महत्वपूर्ण मामलों में भी पुलिस द्वारा समय पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज नहीं की जा रही है। शिकायतकर्ताओं से आवेदन तो ले लिए जाते हैं, लेकिन नियमानुसार अपराध दर्ज करने में आनाकानी की जा रही है, जिससे पीड़ितों में गहरा असंतोष है। कई मामले तो पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच चुके हैं, फिर भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविद्युत विभाग के जेई से मारपीट का मामला Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविद्युत वितरण केंद्र रामपुरकलां के कनिष्ठ अभियंता (जेई) विवेक जाटव ने बताया कि 16 जुलाई की शाम लगभग 4:30 बजे वे अपनी टीम के साथ ग्राम बेरखेड़ा पहुंचे थे। उनका उद्देश्य बकाया बिजली बिलों की वसूली करना और ट्रांसफार्मर का कनेक्शन काटना था। कंपनी के रिकॉर्ड के अनुसार, वीरखेड़ा फीडर पर कुल 8.26 लाख रुपए का बिजली बिल बकाया है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजेई जाटव के अनुसार, जब उनकी टीम सरकारी कार्रवाई कर रही थी, तभी मातादीन बघेल, अरविंद बघेल, सुनील कुशवाहा और कुछ अन्य लोगों ने उन्हें घेर लिया। इन लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली, गाली-गलौज की, धक्का-मुक्की और मारपीट की। साथ ही, टीम को जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के समय विभाग के कर्मचारी शैलेंद्र शर्मा, रोहित सिंह जादौन, रामवरण धाकड़, रूपेंद्र बाथम और दुर्गेश धाकड़ भी मौके पर मौजूद थे। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजेई विवेक जाटव ने रामपुरकलां थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी। आरोप है कि पुलिस तीनों नामजद आरोपियों को थाने ले तो आई, लेकिन रात में बिना किसी कानूनी कार्रवाई के उन्हें छोड़ दिया गया। घटना के 24 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफल विक्रेता के यहां दो लाख की चोरी, रिपोर्ट नहीं Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरामपुरकलां निवासी फल व्यापारी अनूप जाटव ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि 15 जुलाई को उनकी अलमारी से 2 लाख रुपए गायब हो गए थे। यह राशि उन्हें कैलारस के एक फल व्यापारी को भुगतान करने के लिए ले जानी थी। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअनूप जाटव ने तत्काल रामपुरकलां थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन उन्हें पूरे दिन थाने में बैठाए रखने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं की गई। अगले दिन वे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां से निर्देश मिलने के बाद पुलिस उनके घर जांच के लिए पहुंची। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी चोरी का यह मामला अब तक दर्ज नहीं किया गया है। Add text below Add image below09Heading Paragraph Heading Subheading Quoteथाना प्रभारी का विरोधाभासी बयान Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकनिष्ठ अभियंता विवेक जाटव ने बताया कि उनकी टीम पर हमला हुआ और शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, आरोपियों को छोड़ दिया गया। वहीं, फल विक्रेता अनूप जाटव ने भी अपनी चोरी की रिपोर्ट दर्ज न होने की पुष्टि की। इस संबंध में जब रामपुर थाना प्रभारी एएसआई आर के वर्मा से बात की गई, तो उन्होंने पहले दावा किया कि जेई ने मारपीट के मामले में समझौता कर लिया था। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि जेई इस बात से इनकार कर रहे हैं और कह रहे हैं कि आरोपियों को छोड़ दिया गया है, तो थाना प्रभारी अपने बयान से पलट गए। Add text below Add image below