Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल अंचल के मुरैना जिले में इस बार मानसून की बेरुखी साफ देखने को मिल रही है। एक जून से 24 अगस्त तक जिले में औसत से काफी कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-442-d7e12f03
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले में इस बार मानसून की चाल पिछले साल के मुकाबले काफी सुस्त रही है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक एक जून से 24 अगस्त तक जिले में औसतन केवल 358.3 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई है। जबकि बीते वर्ष इसी समयावधि में जिले में 800.8 मिलीमीटर पानी बरस चुका था। इस प्रकार इस साल पिछले साल की तुलना में अब तक 442 मिलीमीटर कम बारिश दर्ज हुई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसोमवार की बारिश से कुछ हिस्सों में मिला सुकून Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि बीते सोमवार को जिले के कई इलाकों में बाद मेहरबान हुए और अच्छी बरसात देखने को मिली। 24 अगस्त को जिले में औसतन 27.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इस एक दिन की बारिश से पानी के कुल आंकड़ों में मामूली सुधार जरूर हुआ है, लेकिन सीजन का कुल औसत अभी भी सामान्य से काफी पीछे चल रहा है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपोरसा और जौरा में बरसे सबसे ज्यादा बादल Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसोमवार को हुई बारिश के वर्षामापी केंद्रों के आंकड़ों पर गौर करें तो सबसे अधिक 65 मिलीमीटर पानी पोरसा तहसील में गिरा। इसके बाद जौरा क्षेत्र में 55 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं सबलगढ़ में 18 मिमी, कैलारस में 15 मिमी, मुरैना मुख्यालय पर 14 मिमी और अंबाह में मात्र 0.5 मिलीमीटर बारिश ही रिकॉर्ड की गई, जिससे कुछ क्षेत्रों में मौसम सुहाना हो गया। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतहसीलवार आंकड़ों में अंबाह सबसे पीछे Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteएक जून से 24 अगस्त तक के तहसीलवार आंकड़ों के अनुसार जौरा में सबसे अधिक 521 मिलीमीटर बारिश हुई है। इसके अलावा कैलारस में 401 मिमी, पोरसा में 379.5 मिमी और सबलगढ़ में 373.5 मिलीमीटर बरसात दर्ज की जा चुकी है। मुरैना तहसील में अब तक 331.4 मिमी पानी गिरा है, जबकि अंबाह में सबसे कम मात्र 143.1 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज हुई है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रभारी भू-संसाधन प्रबंधन विभाग के आरके सिन्हा के मुताबिक, मुरैना जिले की सामान्य वार्षिक बारिश 706.9 मिलीमीटर है। मानसून सीजन के लगभग तीन महीने गुजर जाने के बावजूद जिले में औसत बारिश का आंकड़ा काफी कम है। हालांकि हालिया बारिश से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन अंबाह और अन्य इलाकों में अभी भी पर्याप्त पानी की दरकार है। Add text below Add image below