Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryकेंद्रीय रिजर्व पुलिस बल से इंस्पेक्टर पद से रिटायर होने के बाद मनोज कुमार शर्मा अपने पैतृक गांव पहुंचे। शहरवासियों और परिजनों ने बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-41-d1ce8992
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के पोरसा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ऊंदरपुरा किर्रायच गांव के रहने वाले मनोज कुमार शर्मा केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल यानी सीआरपीएफ में इंस्पेक्टर पद से सेवानिवृत्ति प्राप्त कर अपने पैतृक गृह नगर लौटे हैं। देश की सीमाओं की रक्षा और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर लंबी सेवाएं देने के बाद जब वे पोरसा पहुंचे, तो स्थानीय निवासियों, मित्रों और परिजनों ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबैंड-बाजे के साथ हुआ भव्य स्वागत Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजैसे ही सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर मनोज शर्मा मुरैना से पोरसा की सीमा पर पहुंचे, वहां उनका स्वागत करने के लिए लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद उन्हें पारंपरिक गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों के बीच जुलूस के रूप में उनके पैतृक गांव तक लाया गया। इस पूरे सफर के दौरान रास्ते में विभिन्न स्थानों पर उनका स्वागत किया गया और पुष्पवर्षा के साथ फूल-मालाएं पहनाकर उनका सार्वजनिक अभिनंदन किया गया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसिपाही के रूप में शुरू किया था करियर Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमनोज कुमार शर्मा ने अपने करियर की शुरुआत साल 1985 में सीआरपीएफ में एक आम सिपाही के तौर पर की थी। अपनी कार्यनिष्ठा और उत्कृष्ट सेवाओं के बूते वे लगातार तरक्की की सीढ़ियां चढ़ते रहे। वर्ष 1996 में वे नायक बने, इसके बाद 2002 में हवलदार, 2012 में सहायक उप निरीक्षक और 2014 में उप निरीक्षक के पद पर पहुंचे। अंततः साल 2023 में वे इंस्पेक्टर के पद पर पदोन्नत हुए और झारखंड में अपनी अंतिम सेवाएं पूरी करने के बाद रिटायर हुए। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने कुल 41 साल और 8 महीने तक देश की आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की मजबूती के लिए कार्य किया। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनक्सल विरोधी अभियानों में रहे शामिल Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपने लंबे सेवाकाल के अनुभवों को याद करते हुए मनोज शर्मा ने बताया कि देश की सेवा करने का जज्बा उनके भीतर बचपन से ही था। बल में रहते हुए उन्हें कई बार नक्सल विरोधी ऑपरेशनों और आतंकवादियों के खात्मे के लिए चलाए गए अभियानों में सीधे तौर पर हिस्सा लेने का अवसर मिला। Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteदेश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत रखना ही सीआरपीएफ का मुख्य ध्येय है। आज वर्दी उतारकर अपने एक परिवार से दूसरे परिवार के बीच आया हूं और अब आगे का समय अपने पिता और परिजनों के साथ व्यतीत करूंगा। Add text below Add image below10Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयुवाओं को दी अनुशासन और मेहनत की सलाह Add text below Add image below11Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदेश के रक्षा बलों में जाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए उन्होंने संदेश दिया कि सेना या अर्धसैनिक बलों में जाने के लिए शैक्षणिक योग्यताओं के साथ-साथ कड़ी शारीरिक मेहनत भी उतनी ही आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे रोज कम से कम 10 किलोमीटर दौड़ लगाएं तथा अपने खान-पान और सेहत पर पूरा ध्यान दें। Add text below Add image below12Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके साथ ही उन्होंने मौजूदा दौर के युवाओं में नशे की बढ़ती लत पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बुरी संगत और नशे से हमेशा दूरी बनाकर रखनी चाहिए, क्योंकि केवल सच्ची मेहनत के बल पर ही मुकाम हासिल किया जा सकता है। Add text below Add image below