Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के अंबाह निवासी देवेंद्र कुशवाह ने पारंपरिक खेती को छोड़कर आधुनिक तकनीक अपनाई है। केवल दो बीघा जमीन में टमाटर की फसल उगाकर उन्होंने महज चार महीने के भीतर छह लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-4-6-3ccd26c2
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअक्सर यह देखा जाता है कि उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद युवा शहरों में कॉर्पोरेट नौकरियों की तलाश में जुट जाते हैं, लेकिन मुरैना जिले के अंबाह क्षेत्र के रहने वाले 29 वर्षीय देवेंद्र कुशवाह ने इससे बिल्कुल अलग रास्ता चुना। कंप्यूटर साइंस में बीएससी की डिग्री लेने के बाद उन्होंने किसी कंपनी में नौकरी करने के बजाय अपने पैतृक खेती के कार्य को ही आधुनिक तरीके से आगे बढ़ाने का निर्णय लिया। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपारंपरिक खेती को दिया आधुनिक स्वरूप Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्ष 2017 में पिता के निधन के बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी देवेंद्र के कंधों पर आ गई थी। उनके पिता भी सब्जी की खेती करते थे, लेकिन उस समय परंपरागत तरीकों का इस्तेमाल होता था जिसमें लागत अधिक और मुनाफा कम मिलता था। स्थिति को समझते हुए देवेंद्र ने खेती के पुराने तौर-तरीकों को बदलने की ठानी और वैज्ञानिक तकनीकों का सहारा लिया। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउन्होंने अपनी खेतों में ड्रिप सिंचाई प्रणाली, मल्चिंग शीट और मचान यानी ट्रेलिस तकनीक का उपयोग शुरू किया। इन आधुनिक पद्धतियों को अपनाने से खेतों में पानी की भारी बचत हुई, खरपतवार पर लगाम लगी और कीटनाशकों के छिड़काव का खर्च भी काफी कम हो गया। मचान विधि की वजह से टमाटर के पौधे जमीन से ऊपर रहे, जिससे फल सड़ने से बच गए और बाजार में उनकी गुणवत्ता उत्कृष्ट बनी रही। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहज दो बीघा में टमाटर की बंपर कमाई Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअपनी इस नई कार्यशैली का असर उन्होंने जल्द ही अपनी फसल में देखा। पिछले साल देवेंद्र ने मात्र दो बीघा जमीन पर टमाटर की खेती की थी। इस पूरी फसल को तैयार करने में लगभग डेढ़ लाख रुपये की लागत आई, लेकिन फसल के तैयार होने के बाद महज चार महीने के भीतर उन्हें छह लाख रुपये की शानदार आय प्राप्त हुई। उन्होंने यह साबित कर दिखाया कि यदि खेती में विज्ञान और तकनीक का सही इस्तेमाल किया जाए, तो यह घाटे का सौदा नहीं बल्कि बहुत बड़ा मुनाफा दे सकती है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदेवेंद्र बताते हैं कि वर्ष 2014-15 के दौरान जब वे आईटीआई की पढ़ाई के सिलसिले में धार जिले में थे, तब उन्होंने वहां के किसानों को आधुनिक तकनीक से टमाटर की बंपर पैदावार लेते देखा था। वे किसान अपनी उपज को देश के साथ-साथ विदेशों तक भेज रहे थे। धार के इस अनुभव ने ही उनकी पूरी सोच बदल दी और उन्होंने मन बना लिया कि वे नौकरी के पीछे भागने के बजाय तकनीकी खेती को ही अपना मुख्य व्यवसाय बनाएंगे। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबाजार की मांग और रणनीति से मिली सफलता Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteखेती में सफलता के मूल मंत्र पर चर्चा करते हुए देवेंद्र का कहना है कि किसानों को हमेशा लीक से हटकर सोचना चाहिए। वे हमेशा ऐसी योजना बनाते हैं कि उनकी फसल बाजार में तब आए जब उसकी आवक कम हो और दाम ऊंचे मिलें। इसी सोची-समझी रणनीति के बल पर उन्हें हमेशा अपनी उपज के बेहतरीन दाम मिलते हैं। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआज वे आसपास के किसानों के लिए एक बड़े रोल मॉडल बन चुके हैं। उनका मानना है कि किसी के अधीन रहकर नौकरी करने से बेहतर है कि व्यक्ति अपनी खुद की जमीन पर मालिक बनकर काम करे। यदि खेती को सही योजना, बाजार की मांग की समझ और आधुनिक तकनीक के साथ किया जाए, तो यह किसी भी अन्य पेशे से ज्यादा सम्मान और आमदनी दिला सकती है। Add text below Add image below