Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर-चंबल संभाग में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बड़े पैमाने पर बीहड़ क्षेत्र में कमी दर्ज की गई है। उपग्रह से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार समतलीकरण और अन्य गतिविधियों के कारण चंबल घाटी का प्राकृतिक स्वरूप बदल रहा है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-34-17858bb8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकभी दुर्दांत डकैतों और बीहड़ों के लिए कुख्यात रही चंबल घाटी की भौगोलिक बनावट तेजी से बदल रही है। आधुनिक मशीनों और समतलीकरण के कार्यों के चलते बीहड़ जमीन का दायरा लगातार सिमटता जा रहा है, जिससे इस अंचल का भू-भाग नए रूप में सामने आ रहा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइसरो और विज्ञान परिषद की मैपिंग में हुआ खुलासा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की सैटेलाइट मैपिंग रिपोर्ट के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह बात सामने आई है कि छह साल की अवधि में चंबल संभाग के लगभग 59 हजार हेक्टेयर बीहड़ क्षेत्र में गिरावट आई है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपहले मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों में कुल मिलाकर 1.73 लाख हेक्टेयर में बीहड़ फैले हुए थे, जो अब घटकर 1.14 लाख हेक्टेयर ही रह गए हैं। इस प्रकार इन जिलों में लगभग 34 प्रतिशत बीहड़ क्षेत्र कम हुआ है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसरकारी योजनाएं और अवैध कब्जे मुख्य वजह Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराष्ट्रीय सुदूर संवेदन केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2018-19 से 2024-25 के बीच कुल 59 हजार हेक्टेयर बीहड़ कम हुआ। इसमें से करीब 24 हजार हेक्टेयर भूमि को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से खेती योग्य बनाने के लिए समतल किया गया। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशेष लगभग 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में भू-माफिया द्वारा अनधिकृत कब्जे किए जाने का अनुमान जताया गया है। हालांकि, इन कब्जों की पूरी आधिकारिक पुष्टि संबंधित राजस्व रिकॉर्ड के मिलान और मैदानी सीमांकन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजलीय जीवों और पारिस्थितिकी पर मंडराया संकट Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराज्य वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर की रिपोर्ट के अनुसार इस बदलाव से चंबल नदी के जलीय जीवों पर भी असर पड़ रहा है। नदी के तल के उथले होने और बहाव में बदलाव आने से जलीय जीवों की प्राकृतिक गतिविधियों में बाधा उत्पन्न हो रही है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteराष्ट्रीय चंबल अभयारण्य के अधीक्षक श्याम सिंह चौहान का कहना है कि अभयारण्य क्षेत्र में कई स्थानों पर राजस्व भूमि भी शामिल है। सटीक सीमांकन और स्पष्ट सीमा तय होने के बाद ही नदी किनारे चल रहे समतलीकरण और अनधिकृत कब्जों पर पूरी तरह से रोक लगाई जा सकेगी। Add text below Add image below