Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryपर्यावरण मंत्रालय के प्रोजेक्ट डॉल्फिन के तहत चंबल अभयारण्य में दूसरा राष्ट्रव्यापी सर्वे संपन्न हो गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार जलीय जीवों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जाएगी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-30-d71a9ae8
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल आंचल में जलीय जीवों के संरक्षण को लेकर एक अहम प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के 'प्रोजेक्ट डॉल्फिन' के अंतर्गत भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) देहरादून की टीम ने चंबल नदी में अपना दूसरा राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण सफलतापर्वूक संपन्न कर लिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote242 किलोमीटर के दायरे में हुआ सर्वे Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभारतीय वन्यजीव संस्थान की 18 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम ने 7 अक्टूबर से 14 अक्टूबर के बीच चंबल अभयारण्य के बरबासिन घाट से लेकर पचनदा तक के क्षेत्र में यह अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने कुल 242 किलोमीटर लंबे जलीय दायरे को कवर करते हुए डॉल्फिन के प्राकृतिक आवास और उनकी मौजूदगी का बारीकी से अध्ययन किया। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनंबर बढ़ने के कयास और अंतिम घोषणा Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसर्वेक्षण से जुड़े विशेषज्ञों ने संभावना जताई है कि इस बार चंबल नदी में डॉल्फिन की संख्या में लगभग 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इस बड़े राष्ट्रव्यापी सर्वे के अंतिम और आधिकारिक आंकड़ों का ऐलान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र किया जाना तय किया गया है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआधुनिक उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteगंगा, सिंधु और अन्य मुहाना डॉल्फिनों की वास्तविक आबादी तथा उनके रहवास की स्थिति का सटीक वैज्ञानिक आकलन करने के लिए इस बार अत्याधुनिक उपकरणों की मदद ली गई। सर्वे के दौरान एफ-पोड्स (F-PODs) और ए-टैग्स (A-TAGs) के जरिए पानी के अंदर की ध्वनियों को रिकॉर्ड किया गया। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अतिरिक्त, प्रत्यक्ष अवलोकन प्रणाली, जल गुणवत्ता की जांच के लिए वाईएसआई प्रो डीएसएस (YSI Pro DSS), ई-डीएनए सैंपल संकलन तथा नदी की गहराई व उसकी भौगोलिक संरचना का पता लगाने के लिए चार्ट प्लॉटर और डेप्थ साउंडर का भी भरपूर उपयोग किया गया। Add text below Add image below