Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसुमावली क्षेत्र में खाद वितरण के दौरान किसानों से तय कीमत से अधिक दाम वसूले जाने का मामला सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-30-07a7a270
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर-चंबल संभाग के मुरैना जिले में इन दिनों अन्नदाता खाद की किल्लत और तकनीकी समस्याओं के बीच भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। हालात यह हैं कि किसानों को न केवल लंबी लाइनों और ऑनलाइन पर्ची के झंझट से जूझना पड़ रहा है, बल्कि उन्हें तय दामों से अधिक राशि भी चुकानी पड़ रही है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसुमावली में खाद के प्रत्येक कट्टे पर 30 रुपये की अतिरिक्त वसूली Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजिले के सुमावली कस्बे में संचालित सोसाइटी और नेमी चंद्र सगुन चंद्र जैन ट्रेडर्स पर गंभीर आरोप लगे हैं। यहां खाद खरीदने पहुंचे किसानों से यूरिया और डीएपी के प्रत्येक कट्टे पर 30 रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। एक स्थानीय किसान द्वारा इस पूरी गड़बड़ी का वीडियो भी बनाया गया है, जो सोशल मीडिया पर सामने आया है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों का कहना है कि खेत में खाद की सख्त जरूरत होने के कारण वे मजबूरी में दुकानदारों की मनमानी सहने को विवश हैं। अन्नदाताओं का आरोप है कि जरूरत के इस वक्त में उनसे खुलेआम ज्यादा पैसे ऐंठे जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर आर्थिक शोषण है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteऑनलाइन पर्ची और सर्वर की समस्या से बढ़ी मुसीबत Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों की मुश्किलें सिर्फ अधिक दाम तक ही सीमित नहीं हैं। सर्वर डाउन रहने के कारण ई-पर्ची आसानी से नहीं कट पाती, जिससे किसानों को खाद पाने के लिए 8 से 10 दिन तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बाद जब खाद मिलती है, तो प्रति कट्टा 30 रुपये की अतिरिक्त वसूली और ऑनलाइन प्रक्रिया के नाम पर जुड़ने वाले 50 रुपये किसानों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, दोषियों पर होगी कार्रवाई Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले को संज्ञान में लेते हुए मुरैना कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो और किसानों की शिकायत के आधार पर पूरे मामले की गहराई से जांच कराई जाएगी। जांच में यदि गड़बड़ी साबित होती है, तो संबंधित विक्रेता या संस्थान के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन की ओर से यह भी साफ किया गया है कि किसान चाहे सरकारी केंद्रों से खाद लें या किसी निजी विक्रेता से, किसी भी स्थिति में तयशुदा मूल्य से एक भी रुपया अधिक नहीं वसूला जा सकता। नियमों के विरुद्ध जाकर अधिक राशि वसूलने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। Add text below Add image below