Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसबलगढ़ और कैलारस क्षेत्र के किसानों ने डीएपी और यूरिया खाद की अनुपलब्धता को लेकर गुरुवार को 24 घंटे का भूख हड़ताल शुरू किया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में किसानों ने ऑनलाइन बुकिंग और कूपन प्रणाली में देरी तथा एनपीके खाद की बढ़ी हुई कीमतों परCategoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-24-d8885816
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसबलगढ़ और कैलारस में किसानों को खाद की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेतृत्व में गुरुवार दोपहर 12 बजे पुरानी सब्जी मंडी चौराहे पर 24 घंटे का भूख हड़ताल शुरू किया गया है। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों का कहना है कि डीएपी और यूरिया खाद की ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया जटिल है और कूपन प्राप्त करने में काफी समय लग रहा है। कई किसानों को इस नई प्रणाली की पूरी जानकारी न होने के कारण खाद मिलने में अनावश्यक देरी हो रही है, जिससे खरीफ की बुवाई प्रभावित हो रही है। Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अतिरिक्त, एनपीके खाद को ₹2100 प्रति बोरी की बढ़ी हुई कीमत पर खरीदना किसानों के लिए एक अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गया है। खरीफ फसलों के लिए यूरिया की तत्काल आवश्यकता है, लेकिन बाजार में डीएपी खाद भी आसानी से उपलब्ध नहीं है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteउत्पादन और सरकारी नीतियों पर सवाल Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमाकपा नेताओं ने खाद उत्पादन पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि खाद निर्माण के लिए आवश्यक गैस टैंकर समुद्र में खड़े हैं, लेकिन सरकार उन्हें भारत लाने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं कर रही है। पार्टी का दावा है कि मांग के अनुरूप उत्पादन न होने के कारण यह संकट और गहरा गया है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभूख हड़ताल की शुरुआत माकपा के राज्य सचिव मंडल सदस्य कामरेड अशोक तिवारी ने माला पहनाकर की। इस दौरान एक सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया। सभा का संचालन जिला समिति सदस्य इसराइल खान ने किया। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस विरोध प्रदर्शन में सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और किसान शामिल हुए। भूख हड़ताल पर बैठे प्रमुख नेताओं में जिला सचिव मुरारी लाल धाकड़, जिला समिति सदस्य आदिराम आर्य, तहसील सचिव अशोक राठौड़, योगेश धाकड़ और घमंडी केवट शामिल रहे। Add text below Add image below