Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने BNSS की धारा 163 लागू कर दी है। इसके तहत बिना अनुमति रैलियों, प्रदर्शनों और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट साझा करने पर रोक लगा दी गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-163-9c9d7e33
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले में सांप्रदायिक सद्भाव और लोक शांति बनाए रखने के मद्देनजर जिला प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत सख्त प्रतिबंधात्मक आदेश प्रसारित किए हैं, जो पूरे जिले में तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबिना अनुमति जुलूस, रैली और धरना-प्रदर्शन पर रहेगा प्रतिबंध Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, जिले की राजस्व सीमा के भीतर बिना पूर्व अनुमति के कोई भी रैली, जुलूस, धरना, अनशन, पदयात्रा या बाइक रैली नहीं निकाली जा सकेगी। इस तरह के आयोजनों के लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दंडाधिकारी से अनुमति लेना अनिवार्य किया गया है। यदि कार्यक्रम का दायरा एक से अधिक अनुविभाग में आता है, तो इसके लिए अपर जिला दंडाधिकारी या उससे वरिष्ठ अधिकारी की मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी गतिविधि से सामाजिक समरसता पर आंच न आए। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteधारदार हथियारों और भड़काऊ बयानों पर भी पाबंदी Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसार्वजनिक स्थलों और आयोजनों में किसी भी प्रकार के वैध या अवैध हथियार, जैसे तलवार, चाकू, छुरी या अन्य धारदार वस्तुएं ले जाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इसके अतिरिक्त, जनता के बीच विद्वेष फैलाने वाले भड़काऊ भाषण देने और आपत्तिजनक सामग्री का प्रचार-प्रसार करने वालों पर भी प्रशासन की कड़ी नजर रहेगी। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसोशल मीडिया गतिविधियों और ग्रुप एडमिन पर विशेष निगरानी Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteडिजिटल प्लेटफॉर्म पर फैलने वाली अफवाहों को रोकने के लिए फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, एक्स और टेलीग्राम जैसे माध्यमों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। कोई भी व्यक्ति ऐसा संदेश या पोस्ट साझा नहीं करेगा जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ता हो। इसके साथ ही विभिन्न सोशल मीडिया ग्रुपों के एडमिन की जवाबदेही तय की गई है; यदि किसी ग्रुप में आपत्तिजनक सामग्री आती है, तो एडमिन को उसे तुरंत हटाकर पुलिस को सूचित करना होगा, अन्यथा उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने यह कदम चंचल अंचल में पूर्व में हुई घटनाओं, जैसे अप्रैल 2018 के दौरान एससी-एसटी एक्ट से जुड़े विरोध प्रदर्शनों और सितंबर 2021 में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा स्थापना को लेकर हुए दो समुदायों के संघर्ष को ध्यान में रखते हुए उठाया है। यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 13 नवंबर 2026 तक अथवा अगले आदेश तक, इनमें से जो भी पहले हो, पूरे मुरैना जिले में प्रभावी रहेगा और इसका उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। Add text below Add image below