Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के जौरा से विधायक पंकज उपाध्याय ने कैलारस शक्कर कारखाने को फिर से चालू कराने की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 15 अगस्त से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-15-f6c56548
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के जौरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक पंकज उपाध्याय ने कैलारस शक्कर कारखाने को दोबारा शुरू कराने के लिए कड़ा कदम उठाया है। उन्होंने ऐलान किया है कि यदि कारखाना जल्द चालू नहीं किया गया, तो वे आगामी 15 अगस्त से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू करेंगे। इस आंदोलन में स्थानीय किसान और कारखाना बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य भी उनके साथ शामिल होंगे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों से गन्ना उगाने की कराई गई थी अपील Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविधायक ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शासन की ओर से किसानों को गन्ने की खेती करने के लिए कहा गया था और कारखाना शुरू करने का भरोसा दिलाया गया था। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कैलारस में पहुंचकर किसानों से गन्ने का उत्पादन करने की अपील की थी। यह घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम पर की गई थी, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने भी प्लांट को शुरू करने की बात कही थी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसरकार के इस आश्वासन के बाद क्षेत्र के किसानों ने बड़े पैमाने पर गन्ने की फसल उगाई और इस वर्ष फसल पूरी तरह तैयार भी हो चुकी है। लेकिन इसके बावजूद सरकार की तरफ से कारखाना संचालन को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जिससे किसानों में गहरी नाराजगी है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक दशक से अधिक समय से बंद पड़ा है कारखाना Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउल्लेखनीय है कि कैलारस का यह शक्कर कारखाना पिछले एक दशक से भी ज्यादा समय से बंद स्थिति में है। साल 2025 में प्रदेश सरकार ने इस कारखाने को एमएसएमई (MSME) विभाग को सौंप दिया था। उस दौरान कारखाने पर किसानों और अन्य सहकारी समितियों की लगभग 61 करोड़ रुपये की देनदारियां बकाया थीं, जिनका भुगतान एमएसएमई द्वारा किए जाने का दावा किया गया था। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों ने इस पूरी प्रक्रिया का उस समय भी विरोध किया था, लेकिन बाद में नेताओं के आश्वासन पर उन्होंने खेती करना स्वीकार कर लिया। अब जब फसल तैयार है, तो प्रशासन और सरकार की ओर से कोई सुध नहीं ली जा रही है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहर चुनाव का मुद्दा, अब आर-पार की लड़ाई Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपंकज उपाध्याय ने कहा कि यह शक्कर कारखाना हर चुनाव के दौरान केवल एक राजनीतिक मुद्दा बनकर रह जाता है, लेकिन धरातल पर इसे चालू करने के लिए कभी गंभीर प्रयास नहीं किए गए। किसानों को गन्ना उत्पादन के लिए प्रेरित करके उनके साथ वादाखिलाफी की गई है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविधायक ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सरकार के खिलाफ आंदोलन के अलावा कोई अन्य विकल्प शेष नहीं बचा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक कैलारस शक्कर कारखाना पूरी तरह से शुरू नहीं हो जाता, तब तक उनका यह संघर्ष और आंदोलन लगातार जारी रहेगा। Add text below Add image below