Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील में आयोजित जनसुनवाई में जिला कलेक्टर के शामिल न होने से ग्रामीणों में असंतोष दिखा। सीईओ और नायब तहसीलदार की मौजूदगी में कुल 146 शिकायतें और आवेदन दर्ज किए गए।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-146-70a7b518
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनिर्धारित समय पर नहीं पहुंचे जिला कलेक्टर Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना जिले के सबलगढ़ स्थित जनपद पंचायत कार्यालय के सभागार में मंगलवार को स्थानीय नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। इस तय कार्यक्रम में जिला कलेक्टर लोकेश जांगिड़ की उपस्थिति दोपहर तीन बजे तक निर्धारित की गई थी, लेकिन उनके न पहुंचने के कारण कई लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअधिकारियों को मिले 146 आवेदन, सरपंच भी पहुंचे Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकलेक्टर की गैरमौजूदगी के बावजूद जनपद पंचायत सीईओ ललित चौधरी और नायब तहसीलदार के समक्ष कुल 146 आवेदन पहुंचे। इनमें ग्रामीण इलाकों से आए किसानों और गरीबों के अलावा विभिन्न पंचायतों के कई सरपंच भी शामिल थे, जो अपनी क्षेत्रीय समस्याओं के निवारण के लिए पहुंचे थे। बड़े अधिकारी के न होने से आम जनता में प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर निराशा देखी गई। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआवास सूची से नाम काटने पर रिश्वत के आरोप Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस दौरान कई गंभीर शिकायतें भी अधिकारियों के सामने रखी गईं। ग्राम पंचायत कुतघान के ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों की सूची से नाम काटे जाने की जांच करने पहुंचे जनपद कर्मचारी द्वारिका प्रसाद शर्मा ने तीन-तीन हजार रुपये की मांग की। हालांकि, आरोपी कर्मचारी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कुछ लोग भूसे से भरे हुए मकानों को अपना निवास बता रहे थे। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके अलावा अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से भी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आईं। ग्राम पंचायत जारौली के मुख्य मार्ग पर कीचड़ के कारण लोगों का आना-जाना मुश्किल हो रहा है। वहीं ग्राम पंचायत अटार में सड़क के दोनों तरफ अतिक्रमण होने से घरों का गंदा पानी बाहर निकलने में भारी परेशानी हो रही है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्राम पंचायत खेरला में आंगनवाड़ी भवन के निर्माण स्थल पर अवैध कब्जे का मामला भी जनसुनवाई में उठाया गया। जनपद सीईओ ललित चौधरी ने बताया कि कलेक्टर लोकेश जांगिड़ को तय कार्यक्रम के अनुसार आना था, लेकिन किन्हीं अपरिहार्य कारणों से वे नहीं आ सके। उन्होंने स्वीकार किया कि शीर्ष अधिकारी की मौजूदगी से समस्याओं का समाधान और तेजी से हो पाता है। Add text below Add image below