Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसबलगढ़ में श्री मुरली मनोहर राम-जानकी मंदिर की सरकारी जमीन पर पिछले 12 सालों से अतिक्रमण का मामला अटका हुआ है। पुजारी की शिकायत के बावजूद प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-12-65907d01
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसबलगढ़ क्षेत्र में श्री मुरली मनोहर राम-जानकी मंदिर से सटी सरकारी औकाफ की जमीन पर अतिक्रमण का मामला लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। मंदिर के पुजारी घनश्याम देव शर्मा ने उपखंड अधिकारी (एसडीएम) से इस जमीन को खाली कराने की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि वे पिछले 12 वर्षों से इस संबंध में शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुजारी को सरकारी सहायता का अभाव Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुजारी घनश्याम देव शर्मा ने बताया कि मंदिर की जमीन सरकारी होने के कारण उन्हें सरकार से नियमित राशि नहीं मिलती। साथ ही, मंदिर की प्रसिद्धि कम होने के कारण श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ावे से होने वाली आय भी पूजा-पाठ के खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी आर्थिक तंगी के चलते वे लंबे समय से अतिक्रमण हटाने की मांग कर रहे हैं। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकमिश्नर के आदेश के बाद भी सुस्ती Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामले की गंभीरता को देखते हुए, मुरैना संभाग के कमिश्नर ने 22 जून को एक पत्र जारी कर एसडीएम को मंदिर की जमीन से अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए थे। कमिश्नर ने अपने पत्र में इस बात पर जोर दिया था कि सरकारी मंदिरों की जमीन की सुरक्षा करना और अवैध कब्जों को हटाना राजस्व अधिकारियों का कर्तव्य है। उन्होंने एसडीएम को मौके पर जाकर जांच करने और की गई कार्रवाई की रिपोर्ट देने को कहा था। इसके बावजूद, जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजमानत का वादा भी अधूरा Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुजारी ने यह भी बताया कि पिछले दिसंबर में अतिक्रमण से जुड़े एक मामले में कुछ लोगों को जेल भेजा गया था। उन्होंने जमानत के दौरान 45 दिनों के भीतर जमीन खाली करने का वादा किया था, जिसके आधार पर उन्हें रिहा किया गया था। लेकिन, लगभग पांच महीने बीत जाने के बाद भी अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलगातार कार्रवाई न होने पर पुजारी ने एक बार फिर कमिश्नर से शिकायत की। इसके बाद कमिश्नर ने एसडीएम को पुनः कार्रवाई के निर्देश जारी किए। एसडीएम मेघा तिवारी ने व्हाट्सएप के माध्यम से सूचित किया है कि इस मामले में दोबारा वारंट जारी किया जाएगा। Add text below Add image below