Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमुरैना जिले के सबलगढ़ में नगर पालिका प्रशासन ने बस स्टैंड पर स्थित 12 दुकानों को सील कर दिया है। इन प्रतिष्ठानों पर करीब 12 वर्षों से प्रीमियम और किराए की राशि बकाया चल रही थी।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-12-2db818f7
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय निकाय द्वारा राजस्व वसूली के तहत सख्त कदम उठाते हुए सबलगढ़ के बस स्टैंड क्षेत्र में यह कार्रवाई की गई। लगभग 12 साल से लंबित चल रहे प्रीमियम और किराए के भुगतान को लेकर नगर पालिका ने यह सख्त रुख अपनाया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quote12 साल से अटका था बकाया भुगतान Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनगर पालिका के रिकॉर्ड के अनुसार, करीब 12 वर्ष पूर्व नीलामी के जरिए ये दुकानें आवंटित की गई थीं। शुरुआती कुछ किस्तों का भुगतान करने के बाद आवंटियों ने शेष प्रीमियम राशि जमा नहीं की। इसके अलावा, किराया अनुबंध न होने के कारण नियमित रूप से किराए की अदायगी भी नहीं हो पा रही थी, जिससे कुल बकाया राशि करीब 11 लाख 50 हजार रुपए तक पहुंच गई। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमौके पर हुई वसूली और दी गई मोहलत Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस सीलिंग कार्रवाई के दौरान चार दुकानदारों ने मौके पर ही 2 लाख 65 हजार 500 रुपए की राशि जमा कराई। बाकी दुकानदारों को चेतावनी देते हुए नगर पालिका ने आगामी 28 अक्टूबर तक का समय दिया है, ताकि वे अपना पूरा बकाया चुका सकें। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) सौरभ जैतवार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि हाल ही में कर्मचारियों द्वारा दीपावली पर वेतन भुगतान की मांग रखी गई थी। इसी दौरान नगर पालिका की आर्थिक तंगी और बस स्टैंड की दुकानों पर लंबे समय से फंसे बकाये का मामला सामने आया, जिसके बाद यह प्रशासनिक कदम उठाया गया। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteबड़े डिफॉल्टर्स के नाम होंगे सार्वजनिक Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा यानी 28 अक्टूबर तक राशि जमा न करने पर दुकानें राजसात की जा सकती हैं। साथ ही, बड़े बकायादारों के नाम भी सार्वजनिक किए जाएंगे। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ लोगों ने बिना प्रीमियम चुकाए ही दुकानें आगे किराए पर दे रखी हैं, जबकि इन दुकानों का मासिक किराया लगभग 500 रुपए तय है। Add text below Add image below