Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryनगर निगम क्षेत्र में आने के एक दशक बाद भी डोमपुरा गांव के लोगों को अंतिम संस्कार के लिए मुक्तिधाम नसीब नहीं हो रहा है। जमीन का आवंटन होने के दस महीने बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया है, जिससे ग्रामीणों में रोष है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/morena-10-44-61988c91
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुरैना नगर निगम सीमा में शामिल किए गए ग्राम डोमपुरा में बुनियादी सुविधाओं का अभाव अब भी बना हुआ है। निगम का हिस्सा बने करीब दस साल बीत जाने के बाद भी यहां ग्रामीणों के लिए पक्के मुक्तिधाम का निर्माण नहीं हो सका है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteखुले में अंतिम संस्कार करने की मजबूरी Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहाल ही में वार्ड क्रमांक 44 के अंतर्गत आने वाले इस क्षेत्र में 6 अक्टूबर को 77 वर्षीय गोकुल कर्ण का निधन हो गया था। मुक्तिधाम की सुविधा न होने के कारण परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों को मजबूरन खुले आसमान के नीचे ही उनका अंतिम संस्कार करना पड़ा। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदस महीने पहले हो चुकी है जमीन आवंटित Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों ने जानकारी दी कि ग्राम डोमपुरा के सर्वे क्रमांक 69 में से 0.910 हेक्टेयर भूमि मुक्तिधाम के लिए तय की गई है। कलेक्टर न्यायालय द्वारा 10 दिसंबर 2025 को आदेश जारी कर यह जमीन नगर पालिक निगम मुरैना के नाम आवंटित की गई थी, लेकिन कागजी प्रक्रिया पूरी होने के दस महीने बाद भी धरातल पर काम शुरू नहीं हुआ है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजनसुनवाई से लेकर अधिकारियों तक गुहार Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय रहवासियों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कलेक्टर, तहसीलदार, पटवारी, सांसद, महापौर और निगम आयुक्त तक को कई बार लिखित और मौखिक शिकायत दे चुके हैं। गत 25 अगस्त 2026 को जनसुनवाई में भी इसके खिलाफ कंप्यूटर कोड के जरिए शिकायत दर्ज कराई गई थी, किंतु हर बार केवल कोरे आश्वासन ही मिले। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्रामीणों ने बताया कि जब डोमपुरा स्वतंत्र ग्राम पंचायत था, तब अंतिम संस्कार की बेहतर व्यवस्था थी। लेकिन नगर निगम का हिस्सा बनने के बाद सुविधाएं सुधरने की बजाय और बदतर हो गई हैं। मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए महापौर शारदा सोलंकी ने कहा कि उन्हें इस समस्या की जानकारी नहीं थी और अब वार्ड में टीम भेजकर वस्तुस्थिति की जांच कराई जाएगी तथा जल्द मुक्तिधाम का निर्माण शुरू करवाया जाएगा। Add text below Add image below