Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryकेंद्रीय पर्यटन योजना के तहत 16.73 करोड़ रुपये की लागत से ग्वालियर के ऐतिहासिक फूलबाग इलाके को संवारा जा रहा है। सुस्त चाल के कारण मार्च में पूरी होने वाली यह परियोजना अब तक अधर में लटकी हुई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-e337bb36
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के ऐतिहासिक धरोहरों को पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभारने के लिए चल रहे विकास कार्यों में सुस्ती देखी जा रही है। शहर के प्रसिद्ध फूलबाग क्षेत्र को एक नए और आकर्षक स्वरूप में ढालने का काम इन दिनों धीमी गति से आगे बढ़ रहा है, जिससे तय समयसीमा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteस्वदेश दर्शन योजना के तहत हो रहा है कायाकल्प Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा चलाई जा रही 'स्वदेश दर्शन योजना 2.0' के अंतर्गत फूलबाग को एक विशेष हेरिटेज एक्सपीरियंस जोन के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 16.73 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है, जिसका उद्देश्य इस क्षेत्र की ऐतिहासिक भव्यता को पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बनाना है. Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस योजना के दायरे में शहर के कई प्रमुख और ऐतिहासिक स्थल शामिल किए गए हैं। इनमें मुख्य रूप से बैजाताल, मोतीमहल, गोपाल मंदिर, नगर निगम संग्रहालय और अमर शहीद रानी लक्ष्मीबाई की समाधि स्थल शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर पर्यटकों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सौंदर्यीकरण और विकास कार्य किए जाने हैं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतय समयसीमा बीतने के बाद भी कार्य अधूरा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयोजना के तहत निर्माण और सौंदर्यीकरण का जिम्मा संभालने वाली ठेका कंपनी निर्धारित डेडलाइन यानी मार्च के महीने तक इस कार्य को पूरा करने में असफल रही है। पिछले करीब दो महीनों से मैदानी स्तर पर काम की रफ्तार बेहद सुस्त बनी हुई है, जिससे प्रोजेक्ट में देरी होती जा रही है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकाम की धीमी गति को देखते हुए अब इस परियोजना की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया गया है। हालांकि, स्थानीय पर्यटन प्रेमियों और जानकारों का मानना है कि यदि यह कार्य समय पर पूरा हो जाता, तो शहर के पर्यटन व्यवसाय को इसका सीधा लाभ मिल सकता था। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपर्यटकों के लिए मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी परियोजना के तहत आने वाले दिनों में पर्यटकों के मनोरंजन और सुविधा के लिए कई खास इंतजाम किए जाने हैं। इनमें मुख्य रूप से ई-विंटेज कार का संचालन, क्षेत्र में लाइट एंड साउंड शो का आयोजन और खान-पान के लिए एक आकर्षक फूड जोन विकसित किया जाना शामिल है, जिससे पर्यटकों को एक ही जगह पर बेहतर अनुभव मिल सके। Add text below Add image below