Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के महाराजबाड़े से कंपू तक की सड़क पांच साल से जर्जर हालत में है जिससे स्थानीय कारोबारियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बदहाल सड़क और विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर अब न्यायालय का रुख बेहद सख्त हो गया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-e3140aab
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहाराजबाड़े से कंपू तक सड़क पर चलना बना चुनौती Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर के व्यस्ततम और ऐतिहासिक महाराज बाड़े से कंपू की तरफ जाने वाली सड़क पिछले पांच वर्षों से बदहाली का शिकार है। स्मार्ट सिटी के तहत करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के दावे के बावजूद इस मार्ग की हालत सुधरने का नाम नहीं ले रही है। मार्ग पर बने बड़े-बड़े गड्ढे, बिखरे पत्थर और कीचड़ से आम जनता का गुजरना दूभर हो गया है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदुकानदारों और राहगीरों का दर्द: धंधा मंदा, हादसे का डर Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मार्ग पर रोजाना मजदूरी और ठेला लगाने वाले नवल बाथम ने बताया कि सड़क की खस्ता हालत के कारण उनका व्यापार चौपट हो गया है। शाम को दुकान या ठेला लगाने से पहले उन्हें खुद गड्ढों से गंदा पानी निकालना पड़ता है। कीचड़ और दुर्घटनाओं के भय से ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंचते, जिससे परिवार का गुजर-बसर करना भी कठिन हो गया है। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteक्षेत्र के व्यापारी अतुल सोनी का कहना है कि यह सड़क अब हादसों का केंद्र बन चुकी है। रोजाना कई लोग यहां फिसलकर या गड्ढों की वजह से चोटिल हो रहे हैं। बुजुर्गों और महिलाओं का इस रास्ते से पैदल निकलना भी जोखिम भरा साबित हो रहा है। नगर निगम के अधिकारियों से कई बार गुहार लगाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteन्यायालय की सख्ती और विभागों से जवाब तलब Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसड़कों की इस बदतर हालत और निर्माण कार्यों में बरती गई लापरवाही पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर बेंच ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने साफ कर दिया है कि कागजी दावों से काम नहीं चलेगा और धरातल पर वास्तविकता की जांच की जाएगी। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस मामले की अगली सुनवाई आगामी गुरुवार को तय की गई है। न्यायालय ने संबंधित विभागों को पिछले पांच वर्षों में हुए खर्च का पूरा ब्योरा और निर्माण कार्यों की मूल मेजरमेंट बुक्स (एमबी) अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं, जिससे जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों में खलबली मच गई है। Add text below Add image below