Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में रामदास घाटी से शिंदे की छावनी-नौगजा रोड तक प्रस्तावित फ्लाईओवर के विरोध में स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस परियोजना के चलते डेढ़ सौ से अधिक मकानों और दुकानों पर संकट मंडरा रहा है, जिसे लेकर प्रभावितों ने प्रशासन से गुहार लगाई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-dec2d928
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर में रामदास घाटी से लेकर शिंदे की छावनी और नौगजा रोड तक बनने वाले 2.6 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर का स्थानीय स्तर पर विरोध अब मुखर हो गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को बड़ी संख्या में रहवासी, व्यापारी और सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग सड़कों पर उतरे और परियोजना के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए रैली निकाली। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteडेढ़ सौ मकानों और दुकानों पर मंडरा रहा बेघर होने का खतरा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि इस फ्लाईओवर के निर्माण से करीब 150 मकान इसकी चपेट में आ सकते हैं। इसके अलावा सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दायरे में भी लगभग 250 मकान आने की आशंका जताई जा रही है। विरोध जताने के लिए पूरे क्षेत्र में ‘फ्लाईओवर मंजूर नहीं’ और ‘जनहित में फ्लाईओवर का विरोध’ लिखे बैनर और फ्लेक्स चस्पा किए गए हैं। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteआंदोलनकारियों का आरोप है कि वे बीते करीब डेढ़ साल से इस योजना का विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी आपत्तियों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरी योजना पर पुनर्विचार किया जाए, कोई दूसरा वैकल्पिक रास्ता निकाला जाए और जिन परिवारों पर उजड़ने का खतरा है, उनके पुनर्वास की पुख्ता व्यवस्था की जाए। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदिव्यांग दुकानदार ने लगाई गुहार, आजीविका छिनने का डर Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस प्रस्तावित निर्माण से प्रभावित होने वाले दिव्यांग दुकानदार प्रेमचंद्र उमरैया की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से अपनी दुकान बचाने की गुहार लगाई है। प्रेमचंद्र पैरों से दिव्यांग हैं और उनके माता-पिता भी नहीं हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउनकी तीन मीटर की छोटी सी दुकान ही उनके भरण-पोषण का एकमात्र जरिया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत तमाम स्थानीय जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि उनकी बेसहारा स्थिति को देखते हुए दुकान को बचाने का कोई रास्ता निकाला जाए, अन्यथा उनके सामने गंभीर आजीविका संकट पैदा हो जाएगा। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteवैकल्पिक मार्ग के इस्तेमाल की उठी मांग Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteव्यापारी बृजेश शर्मा ने बताया कि उन्हें इस फ्लाईओवर के बारे में सबसे पहले अखबारों के माध्यम से पता चला था, जिसके बाद से ही रहवासियों ने विरोध जताना शुरू कर दिया। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2011 में भी उन्हें ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था। इसके बाद वर्ष 2020 में कोरोना महामारी ने कारोबार की कमर तोड़ दी और अब 2026 में सिर पर मंडरा रहे इस संकट ने लोगों की नींद उड़ा दी है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं आंदोलन से जुड़े राजकुमार ने सुझाव दिया कि इलाके में रेलवे लाइन का एक पुराना मार्ग है जिस पर अब रेलगाड़ियों का संचालन बंद है। प्रशासन को उस पुराने मार्ग को वैकल्पिक रास्ते के रूप में आजमाने पर विचार करना चाहिए ताकि मुख्य सड़क का दबाव भी घटे। उन्होंने साफ किया कि जनता विकास के खिलाफ नहीं है, मगर उजाड़ने से पहले बसाने की सही व्यवस्था होनी चाहिए। Add text below Add image below