Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में भारतीय युवा कांग्रेस के 'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत रविवार शाम एक अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए कवियों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और बढ़ती बेरोज़गारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-d78aab3f
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में भारतीय युवा कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी अभियान 'छात्रों की गूंज' के अंतर्गत रविवार शाम को एक विशेष अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। शहर के पंद्रह विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र, युवा और साहित्य प्रेमी उपस्थित रहे। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशिक्षा और रोज़गार पर गंभीर चिंताएँ Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस सम्मेलन में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कवियों ने अपनी ओजपूर्ण और व्यंग्यात्मक कविताओं के ज़रिए वर्तमान शिक्षा प्रणाली, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे प्रश्नपत्र लीक के मामलों, बढ़ती बेरोज़गारी और छात्रों के भविष्य से जुड़ी चिंताओं को प्रमुखता से उठाया। उनकी रचनाओं में सामाजिक सरोकार भी स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि देशभर में बार-बार हो रही प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं ने लाखों मेहनती विद्यार्थियों का भरोसा तोड़ा है। वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद जब परीक्षा प्रक्रिया पर ही सवाल उठने लगते हैं, तो यह छात्रों के मनोबल और उनके भविष्य दोनों पर गहरा नकारात्मक प्रभाव डालता है। कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकविताओं में व्यक्त हुई छात्रों की पीड़ा Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteउत्तर प्रदेश के एटा से पधारीं कवयित्री योगिता चौहान ने अपनी सशक्त कविता के ज़रिए मौजूदा परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कहा: Add text below Add image below07Quote Paragraph Heading Subheading Quoteदेश में ये कैसा मातम छा रहा है। किस दिशा से ये अंधेरा आ रहा है। क्यों घिनौने खेल सत्ता खेलती है। साजिशें तो सिर्फ जनता झेलती है। कितने छात्रों का जनाजा जा रहा है। किस दिशा में देश जा रहा है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं, रीवा से आए कवि अमित शुक्ला ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के गंभीर मुद्दे को अपनी कविता में प्रमुखता से उठाते हुए मार्मिक सवाल किया: Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteनीट परीक्षा लीक होने से जो बच्चे फांसी पर झूल गए, तुम ही बताओ उन बच्चों का हत्यारा कौन है? Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस कवि सम्मेलन में औरैया के कवि अजय अंजाम, राजस्थान के कोटा से अर्जुन अल्लड़, मुरैना के अरविंद पोटा और हेमंत शर्मा जैसे अन्य कवियों ने भी अपनी रचनाओं के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था की कमियों, छात्रों की समस्याओं, बेरोज़गारी और केंद्र सरकार की नीतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। Add text below Add image below