Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryबारिश शुरू होने से पहले ही शहर की सड़कें गड्ढों से भरी पड़ी हैं। मंगलवार को शिंदे की छावनी रोड पर एक गड्ढे में लैंड रिकॉर्ड के उपायुक्त की गाड़ी फंस गई, जिससे वह बाल-बाल बच गईं। शहर की सड़कों की बदहाल स्थिति पर हाईकोर्ट में भी सुनवाई चल रही है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-d5edc1ca
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर में बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही सड़कों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। निगम द्वारा किए जा रहे गड्ढा रिपेयरिंग के काम में लापरवाही के चलते आए दिन वाहन चालक चोटिल हो रहे हैं। शहर की सबसे खराब सड़कों में से एक शिंदे की छावनी रोड पर मंगलवार को गड्ढे इतने गहरे हो गए कि लैंड रिकॉर्ड के उपायुक्त की बुलेरो गाड़ी उसमें फंस गई। गनीमत रही कि गाड़ी की रफ्तार कम थी, अन्यथा वह पलट सकती थी। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसी तरह बसंत विहार की सड़क, जिस पर कुछ दिनों पहले ही डामर बिछाया गया था, वह भी दो जगहों से धंस गई है। पिछले साल इसी सड़क की बदहाली के कारण निगम को देशभर में किरकिरी झेलनी पड़ी थी। इस बार भी बारिश में इसके फिर से धंसने का अंदेशा जताया जा रहा है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविभिन्न एजेंसियों की लापरवाही Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर में सड़कों का निर्माण केवल नगर निगम ही नहीं कर रहा है। लोक निर्माण विभाग, ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन और एमपीआरडी जैसी संस्थाएं भी सड़कें बना रही हैं। देखरेख के अभाव में इन सड़कों की हालत लगातार खराब होती जा रही है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजनहित याचिका और निगम का जवाब Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर की जर्जर सड़कों को लेकर हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है। याचिकाकर्ता कैलाश चंद अग्रवाल ने विशेष रूप से जेएएच अस्पताल तक पहुंचने वाले मार्गों की बदहाली का मुद्दा उठाया है, जहां गड्ढों और निर्माण कार्यों के कारण एंबुलेंस तक फंस जाती हैं, जिससे मरीजों की जान खतरे में पड़ जाती है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइसके जवाब में नगर निगम ने हाईकोर्ट में अपनी अनुपालन रिपोर्ट पेश की, जिसमें उसने समस्या को केवल कुलदीप नर्सरी से एजी ऑफिस मार्ग तक सीमित बताया। निगम ने दावा किया कि कुलदीप नर्सरी से विवेकानंद चौराहे तक सड़क बन चुकी है, जबकि आगे का काम पीडब्ल्यूडी द्वारा किया जा रहा है। याचिका में पूरे शहर की सड़कों की समस्या उठाई गई थी, लेकिन निगम के जवाब में जेएएच अस्पताल मार्ग और अन्य खराब सड़कों का जिक्र न होने से उसके जवाब पर सवाल खड़े हो गए हैं। Add text below Add image below