Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryसिंचाई के पानी की कमी से जूझ रहे किसानों की समस्या को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की गई। जनप्रतिनिधियों ने नहर से पैता निर्माण की मांग रखते हुए किसानों को राहत दिलाने का आग्रह किया।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-d227ce56
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसिंचाई जल के संकट से जूझ रहे आंतरी के किसान Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर जिले के आंतरी क्षेत्र में इन दिनों पानी की कमी के कारण किसानों की हजारों बीघा धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी न मिलने से अन्नदाताओं की चिंताएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकेंद्रीय मंत्री सिंधिया को सौंपा गया ज्ञापन Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteकिसानों को इस गंभीर संकट से बाहर निकालने के उद्देश्य से क्षेत्रीय विधायक मोहन सिंह राठौड़ और भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष डॉ. विनोद बघेल ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात की। इस दौरान उन्हें क्षेत्र की सिंचाई समस्या से अवगत कराते हुए एक ज्ञापन सौंपा गया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकेवल दस फीसदी किसानों को मिल पा रहा है पानी Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवर्तमान स्थिति यह है कि स्टेशन और मकोड़ा के बीच से गुजरने वाली मुख्य नहर का लाभ आंतरी के महज 10 प्रतिशत किसानों को ही मिल पा रहा है। बाकी के 90 प्रतिशत किसान लंबे समय से सिंचाई के पानी के लिए संघर्ष करने को मजबूर हैं। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनहर का पानी न पहुंच पाने के कारण केवल वे ही किसान अपनी फसल बचा पा रहे हैं जिनके खेतों पर निजी बोरवेल मौजूद हैं। जनप्रतिनिधियों ने केंद्रीय मंत्री को स्पष्ट किया कि यदि नहर से पैता का निर्माण करा दिया जाए, तो क्षेत्र के 90 फीसदी किसानों को सीधा और बड़ा फायदा पहुंचेगा। Add text below Add image below