Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में ब्याजखोरों के लगातार बढ़ते दबाव से परेशान होकर राजेश राजपूत नामक व्यक्ति ने जहर खाकर अपनी जान दे दी। मृतक के भाई ने इस मामले में गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं पुलिस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच कर रही है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-c7f32bf6
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के लक्ष्मीगंज इलाके में रहने वाले राजेश राजपूत ने सूदखोरों के चंगुल में फंसकर जहरीला पदार्थ खा लिया, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में एक सनसनीखेज सुसाइड नोट सामने आया है, जिसमें कुछ लोगों के नाम और वित्तीय लेन-देन का जिक्र किया गया है। मृतक ने अपने नोट में प्रोपर्टी और फल कारोबारी मनोहर लाल भल्ला का भी उल्लेख करते हुए लिखा है कि उनके हिस्से के 55 लाख रुपए उसके बच्चों को दिलाए जाएं, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकारोबारी मनोहर लाल भल्ला का पक्ष Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteसुसाइड नोट में नाम आने के बाद जब कारोबार से जुड़े मनोहर लाल भल्ला से बात की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि राजेश राजपूत और माखन गुर्जर ने मिलकर बीना रिफाइनरी के पास एक जमीन का सौदा करवाया था। करीब छह करोड़ रुपए के इस सौदे में लगभग सवा करोड़ रुपए का कमीशन तय हुआ था। मनोहर का दावा है कि वे यह कमीशन की पूरी राशि करीब डेढ़ महीने पहले ही चुकता कर चुके हैं और उन्होंने रुपए माखन गुर्जर को सौंपे थे, जिस वक्त राजेश भी वहीं मौजूद था। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपरिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिवार में कोहराम मच गया। राजेश के दो बेटे हैं, जिनमें से बड़े बेटे की शादी इसी साल जून के महीने में बहुत धूमधाम से की गई थी। वहीं, छोटा बेटा लखनऊ में रहकर नौकरी करता है। पिता के निधन की सूचना मिलने पर वह सोमवार रात को ग्वालियर पहुंचा, जिसके बाद ही परिजनों ने गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteराजनीतिक संबंध और भाई के गंभीर आरोप Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमृतक का लक्ष्मीगंज स्थित घर पूर्व मंत्री के निवास के नजदीक था, जिसके चलते उनकी राजनीतिक हलकों में अच्छी पैठ मानी जाती थी। स्थानीय नजदीकियों के कारण ही वे किसान कांग्रेस प्रकोष्ठ के महामंत्री पद तक पहुंचे थे, हालांकि बाद में राजनीतिक समीकरण बदलने पर उन्हें कोई बड़ा दायित्व नहीं मिला। दूसरी ओर, मृतक के भाई रामहेत राजपूत ने आरोप लगाया है कि राजेश ने कुछ लोगों से डेढ़ करोड़ रुपए उधार लिए थे। इसके एवज में वे भारी-भरकम ब्याज वसूल रहे थे। भाई का कहना है कि वे मूलधन से कई गुना ज्यादा यानी करीब सात करोड़ रुपए चुका चुके थे, फिर भी सूदखोरों की प्रताड़ना कम नहीं हो रही थी। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteरामहेत ने यह भी खुलासा किया कि उन्होंने करीब छह साल पहले ही राजेश को इन लोगों के साथ प्रोपर्टी का काम न करने की सलाह दी थी। उन्हें अंदेशा था कि यह लोग 10 से 20 प्रतिशत ब्याज वसूलकर लोगों को ब्लैकमेल करते हैं। जहर खाने के बाद जब राजेश एसपी कार्यालय पहुंचे थे, तब भी आरोपियों की तरफ से फोन आने का सिलसिला जारी था, जिसका पता मृतक के मोबाइल फोन से चला है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है। Add text below Add image below