Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के बेटी बचाओ तिराहा मार्ग की जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। रिकॉर्ड में गिट्टी की परत दिखाकर पूरा भुगतान ले लिया गया, लेकिन जब सड़क खोदकर जांच की गई तो वहां परत गायब मिली।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-c01d2b70
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहाई कोर्ट के आदेश पर खुली पोल Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में सड़कों की गुणवत्ता को लेकर चल रही जांच के दौरान बड़ा घपला सामने आया है। हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद जब शहर के मार्गों की जमीनी हकीकत परखने के लिए खुदाई की गई, तो आधिकारिक रिकॉर्ड और वास्तविक स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर देखने को मिला। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteरिकॉर्ड में दर्ज थी गिट्टी, जमीन पर मिला मलबा Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमामला बेटी बचाओ मार्ग का है, जहां सड़क की मजबूत नींव तैयार करने के लिए गिट्टी की परत डाली जानी थी। कागजी अनुमान के मुताबिक यह परत 1125 घनमीटर होनी चाहिए थी, जबकि माप पुस्तिका यानी मेजरमेंट बुक में इसे बढ़ाकर 1440.31 घनमीटर दर्ज किया गया और इसी आधार पर पूरा भुगतान भी कर दिया गया। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteजांच आयोग ने जब स्थानीय निवासी शुभम शर्मा के घर के सामने मुआयना किया, तो रिकॉर्ड में दर्ज गिट्टी की वह परत मौके से पूरी तरह नदारद मिली। यह वही खास स्थान था जिसका जिक्र बीते 17 अगस्त को अदालत में सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान सामने आया था। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteनिगम की लीपापोती और आयोग की कार्रवाई Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस खुलासे से पहले नगर निगम ने मामले में लीपापोती करते हुए डामर की परत को हटाकर वहां मिट्टी डाल दी थी और उस हिस्से को समतल कर दिया था। हालांकि, इसके दो दिन बाद जब जांच आयोग ने उसी स्थान पर दोबारा खुदाई करवाई, तो गिट्टी के बजाय केवल भवन निर्माण का बेकार मलबा ही नीचे से निकला। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी प्रक्रिया के दौरान कुल सात अलग-अलग स्थानों पर सैंपल लिए गए, जिनकी जांच रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं। स्थानीय स्तर पर इस खुलासे के बाद निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। Add text below Add image below