Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryमध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ में आठ साल से चल रहे मूक-बधिर दंपती के वैवाहिक विवाद का सुखद अंत हो गया है। मध्यस्थता के जरिए साथ रहने का फैसला करने वाले इस जोड़े को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब हाईकोर्ट परिसर में एक विशेष कैफे की शुरुआत की गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-bc01efc4
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteआठ साल पुराने वैवाहिक विवाद का हुआ सुखद समाधान Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर में न्याय के गलियारों से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक खबर सामने आई है। यहाँ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की खंडपीठ में पिछले आठ वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे एक मूक-बधिर पति-पत्नी का घरेलू विवाद आखिरकार सुलझ गया है। मध्यस्थता के जरिए दोनों के बीच के गिले-शिकवे दूर हुए और उन्होंने एक बार फिर से साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteविशेषज्ञों की मदद से कराई गई थी सफल काउंसिलिंग Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपूश्री और दीपक गुप्ता नामक इस दंपती के बीच संवाद की कमी और अन्य कारणों से लंबे समय से मनमुटाव चल रहा था। मामले की गंभीरता को समझते हुए मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस पर विशेष ध्यान दिया। सांकेतिक भाषा के विशेषज्ञों और प्रशिक्षित मूक-बधिर मध्यस्थों की सहायता से दोनों की काउंसलिंग कराई गई, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए और आपसी सहमति से सारे मतभेद समाप्त हो गए। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ने किया 'इशारा कैफे' का उद्घाटन Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविवाद खत्म होने के बाद विधिक सेवा प्राधिकरण ने इस जोड़े को आर्थिक संबल प्रदान करने का बीड़ा उठाया। इसी कड़ी में हाईकोर्ट परिसर के भीतर 'इशारा कैफे' की स्थापना की गई। वीरवार को आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने रिबन काटकर इस कैफे का औपचारिक शुभारंभ किया। Add text below Add image below07Quote Paragraph Heading Subheading Quoteयह अनूठी पहल दिव्यांगजनों और मूक-बधिरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने तथा उन्हें सम्मानजनक आजीविका कमाने का अवसर देने का एक बेहतरीन माध्यम है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक न्यायाधिपति जीएस अहलूवालिया सहित उच्च न्यायालय के तमाम अन्य न्यायाधीश मौजूद रहे। साथ ही प्रधान जिला न्यायाधीश ललित किशोर, कलेक्टर रुचिका चौहान, एसएसपी धर्मवीर सिंह, विभिन्न न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारी और अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteप्रशासन और न्यायपालिका के इस सहयोगात्मक कदम से अब पूश्री और दीपक गुप्ता को अपने पैरों पर खड़े होने का नया जरिया मिल गया है। यह कैफे न केवल उन्हें रोजगार प्रदान करेगा, बल्कि ग्वालियर-चंबल अंचल में सामाजिक न्याय और पुनर्वास का एक अनूठा उदाहरण भी पेश कर रहा है। Add text below Add image below