Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर की पुरानी छावनी क्षेत्र में स्थित ब्लू लोटस कॉलोनी को लेकर प्रशासन ने बड़ा स्वीकारोनामा दिया है। कोर्ट में दिए गए जवाब के बाद अब इस मामले में अवैध अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक प्रक्रिया तेज हो गई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-a6089954
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के अटल द्वार के पास साडा रोड स्थित पुरानी नैरोगेज रेलवे लाइन के नजदीक बसाई गई ब्लू लोटस कॉलोनी को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में अब प्रशासन ने स्वयं हाईकोर्ट के समक्ष यह स्वीकार कर लिया है कि सरकारी भूमि पर बिल्डर द्वारा सड़क का निर्माण और बाउंड्रीवाल खड़ी कर दी गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteटीएनसीपी और प्रशासन की जांच में हुआ खुलासा Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteविभाग की ओर से अदालत में स्पष्ट किया गया है कि जिन सर्वे नंबरों पर अतिक्रमण होने की बात सामने आ रही है, उनके लिए विभाग द्वारा कभी कोई विकास अनुमति जारी नहीं की गई थी। दूसरे शब्दों में, जिस जमीन को प्रशासन सरकारी मान रहा है, असलियत में वहां कॉलोनाइज़र द्वारा अवैध रूप से रोड और बाउंड्रीवाल बना दी गई है, साथ ही पौधे भी रोपे गए हैं। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयाचिकाकर्ता ने लगाए थे गंभीर आरोप Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरे मामले की शुरुआत याचिकाकर्ता चंद्रेश त्यागी द्वारा दायर की गई थी। उनका आरोप था कि ब्लू लोटस कॉलोनी का विकास करते समय सुनियोजित तरीके से सरकारी जमीन को भी इस निजी कॉलोनी के दायरे में शामिल कर लिया गया, जिसके बाद मामले की कानूनी लड़ाई शुरू हुई। Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशिकायत में पुरानी छावनी इलाके के 9 अलग-अलग सर्वे नंबरों की करीब 1.212 हेक्टेयर सरकारी जमीन होने का दावा किया गया था। इस पूरी जमीन की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 25 करोड़ रुपए आंकी गई है, जिसे लेकर न्यायालय में सुनवाई चल रही है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसीमांकन प्रक्रिया और आगे की कार्रवाई Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइससे पहले 15 जून को हाईकोर्ट ने इस विवादित भूमि का सीमांकन कराने के निर्देश जारी किए थे। इसके बाद 14 जुलाई को नगर निगम ने राजस्व अमले को इस कार्य के लिए पत्र लिखा था। हालांकि बीच में निगम ने अदालत को आदेश पालन की बात कही थी, लेकिन रिकॉर्ड में यह भी दर्ज था कि राजस्व अधिकारियों द्वारा वास्तविक सीमांकन किया जाना अभी बाकी है। Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteअब प्रशासन के इस नए रुख के बाद शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए तमाम आरोपों को प्रथमदृष्टया मजबूत आधार मिल गया है। प्रशासन की इस स्वीकारोक्ति के बाद अब ब्लू लोटस कॉलोनी से अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। Add text below Add image below