Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर में पांच साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद आईटीएमएस का संचालन करने वाली कंपनी का अनुबंध समाप्त हो चुका है। स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारा नया टेंडर फाइनल नहीं किए जाने के कारण ट्रैफिक सिग्नल और स्पीड रडार के रखरखाव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-a41e4063
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसमाप्त हो चुका है पुरानी एजेंसी का कार्यकाल Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर शहर के इंटेलीजेंस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम यानी आईटीएमएस का संचालन पिछले पांच साल से संभाल रही निजी कंपनी का अनुबंध गत 12 अगस्त को ही पूरा हो चुका है। ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कार्पोरेशन द्वारा अभी तक पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मॉडल के तहत नया ठेका फाइनल नहीं किया जा सका है, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteइंदौर मॉडल अपनाने के फेर में लटका नया टेंडर Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्मार्ट सिटी प्रशासन ने समय रहते पुराने सिस्टम के आधार पर ही टेंडर की प्रक्रिया 12 अगस्त से पहले शुरू कर दी थी। इस दौरान अधिकारियों ने इंदौर की तर्ज पर पीपीपी मॉडल पर टेंडर देने का मन बनाया, जिसके चलते पहले निकाले गए टेंडर को रद्द कर दिया गया। नए पीपीपी मॉडल के टेंडर पर स्मार्ट सिटी के कार्यकारी निदेशक स्तर पर अंतिम निर्णय लिया जाना है, और इसी प्रशासनिक प्रक्रिया के कारण अब तक नया अनुबंध नहीं हो पाया है। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशहर के इन प्रमुख चौराहों पर लगे हैं ट्रैफिक सिग्नल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteशहर में यातायात को नियंत्रित करने के लिए हजीरा चौराहा, पड़ाव चौराहा, रानी लक्ष्मीबाई तिराहा, फूलबाग चौराहा, चेतकपुरी चौराहा, नाका चंद्रवदनी चौराहा, अलापुर तिराहा, न्यू कलेक्ट्रेट तिराहा, गोविंदपुरी चौराहा और राजमाता चौराहा पर सिस्टम स्थापित हैं। इसके अलावा माधव नगर चौराहा, जीआर मेडिकल चौराहा, तानसेन रेसीडेंसी तिराहा, आकाशवाणी चौराहा, परशुराम तिराहा, मेला ग्राउंड मृगनयनी गार्डन, गोले का मंदिर चौराहा, ब्रिगेडियर तिराहा, पिंटोपार्क तिराहा, कालपी ब्रिज पुल तिराहा, डीडी नगर तिराहा, सिरोल तिराहा, जेसी मिल तिराहा और मलगढ़ा चौराहा पर भी यही व्यवस्था लागू है। Add text below Add image below07Heading Paragraph Heading Subheading Quoteकंट्रोल कमांड सेंटर से होती है निगरानी और चालान कार्रवाई Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइन प्रमुख स्थानों के साथ ही शहर में 13 जगहों पर स्पीड रडार भी लगाए गए हैं ताकि तेज रफ्तार वाहनों पर नजर रखी जा सके। मोतीमहल स्थित कंट्रोल कमांड सेंटर में मुख्य कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से पूरे शहर के यातायात की निगरानी की जाती है और यहीं से वाहनों के चालान काटे जाने के साथ शुल्क जमा करने की प्रक्रिया भी संचालित होती है। Add text below Add image below