Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryशून्य नदी के महादेव घाट और व्यारमा नदी के बड़े घाट पर पितरों के तर्पण के लिए सुबह से ही भारी भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं ने नदियों में स्नान कर पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान और जलांजलि अर्पित की।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-8e547913
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Heading Paragraph Heading Subheading Quoteशून्य नदी और व्यारमा तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteबनवार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रोंड महादेव घाट यानी शून्य नदी और व्यारमा नदी के बड़े घाट पर इन दिनों तर्पण करने वालों का तांता लगा हुआ है। पितरों को याद करने और उनकी मोक्ष प्राप्ति की कामना को लेकर यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteअलसुबह से ही शुरू हो गया स्नान और अनुष्ठान Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteभोर होते ही रोंड, मझगवां मानगढ़, पटना मानगढ़ समेत आसपास के तमाम ग्रामीण इलाकों से लोग पवित्र नदियों के घाटों पर जुटने लगे। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं ने सबसे पहले नदियों के पावन जल में डुबकी लगाई और इसके बाद पूरी श्रद्धा के साथ अनुष्ठान शुरू किए। Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteघाटों पर पहुंचे लोगों ने अपने दिवंगत पूर्वजों की तृप्ति और आत्मा की शांति के लिए विधि-विधान से श्राद्ध, पिंडदान और तर्पण किया। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार शून्य नदी के इस पवित्र तट पर तर्पण करने से पूर्वजों को बैकुंठ में मोक्ष की प्राप्ति होती है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteतीर्थ पुरोहितों ने संपन्न कराया धार्मिक अनुष्ठान Add text below Add image below07Quote Paragraph Heading Subheading Quoteशून्य नदी के पावन तट पर तर्पण और पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, जिसका विशेष धार्मिक महत्व है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteश्रद्धालुओं को इस धार्मिक अनुष्ठान को पूरा कराने के लिए तीर्थ पुरोहित पंडित बृजेश तिवारी ने विशेष भूमिका निभाई। उन्होंने सभी यजमानों को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरी विधि-विधान से पूजन कराया और उनके हाथों से पितरों को जलांजलि दिलवाई। Add text below Add image below