Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryडबरा के बहुराष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत युवा इंजीनियर लवजीत राणा की आत्महत्या और सदमे में मां की मौत के मामले में पुलिस ने कानपुर से आरोपी दंपती को दबोच लिया है। परिवार ने पॉक्सो एक्ट के झूठे केस में फंसाकर साठ लाख रुपये ऐंठने और ब्लैकमेल करने का गंभीर आरोप लगाया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-833fd4cb
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर अंचल के डबरा क्षेत्र में पॉक्सो अधिनियम के एक मामले और कथित ब्लैकमेलिंग के चलते एक हंसता-खेलता परिवार पूरी तरह तबाह हो गया है। बहुराष्ट्रीय कंपनी में अपनी सेवाएं दे रहे छब्बीस वर्षीय इंजीनियर युवक ने मानसिक प्रताड़ना के चलते अपनी जान गंवा दी। इस सदमे को बर्दाश्त न कर पाने के कारण अस्सी दिन पहले उसकी मां ने भी दुनिया छोड़ दी। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteघटना की शुरुआत और चॉकलेट दिलाने का बहाना Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमृतक लवजीत राणा ने बारहवीं कक्षा में डबरा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया था और इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद गुरुग्राम स्थित एक एमएनसी में नौकरी कर रहा था। बीस अप्रैल दो हजार पच्चीस को वह अवकाश के दौरान डबरा आया था। वह अपने मित्र आकाश गुप्ता के साथ उसकी गाड़ी में सवार होकर, उसी मकान में किराए पर रहने वाले कानपुर के एक परिवार की लगभग तीन साल की मासूम बच्ची को चॉकलेट दिलाने ले गया था। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपरिजनों के अनुसार लगभग बीस मिनट के भीतर ही बच्ची को सुरक्षित वापस छोड़ दिया गया था। इसके बावजूद बच्ची की मां ने आकाश पर गंभीर आरोप लगाए और इस प्रकरण में लवजीत को भी सह-आरोपी बना दिया गया। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की, जिससे लवजीत अत्यधिक मानसिक तनाव में आ गया था। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसाठ लाख रुपये की मांग और लगातार ब्लैकमेलिंग Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteलवजीत के पिता दलजीत सिंह ने आरोप लगाया है कि मुकदमे में राजीनामा करने के एवज में बच्ची के माता-पिता और उनके पक्षकार वकील द्वारा साठ लाख रुपये की भारी-भरकम राशि की मांग की गई थी। उनका कहना है कि वे तीस लाख रुपये का भुगतान कर चुके थे, फिर भी शेष तीस लाख रुपयों के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदलजीत सिंह के मुताबिक पैसे देने के बाद भी आरोपियों ने अदालत में बयान बदलने का वादा पूरा नहीं किया और दोबारा पैसों की मांग शुरू कर दी। इसी निरंतर मानसिक उत्पीड़न के कारण बीस दिसंबर दो हजार पच्चीस को लवजीत ने ग्वालियर के गोला का मंदिर इलाके में अपने चाचा के आवास पर जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमां ने आठ महीने तक लड़ा संघर्ष, पुलिस ने दबोचा दंपती को Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteयुवा बेटे की असमय मौत के बाद उसकी मां चंद्रा राणा ने न्याय पाने के लिए लगातार आठ महीनों तक पुलिस और प्रशासन के चक्कर काटे। आरोपियों की प्रताड़ना से टूट चुकी मां ने भी बाईस अगस्त दो हजार छब्बीस को दम तोड़ दिया। इस दर्दनाक घटनाक्रम के बाद गोला का मंदिर थाना पुलिस ने हरकत में आते हुए कानपुर से मुख्य आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले में शामिल वकील की तलाश अभी जारी है। Add text below Add image below