Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर पुलिस ने 'ऑपरेशन एफएएसटी' के तहत कार्रवाई करते हुए महिलाओं के दस्तावेज और फिंगरप्रिंट लेकर फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ये सिम कार्ड मात्र 200 रुपए में साइबर अपराधियों को बेच देते थे।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-7093b6fe
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर जिले के मोहना थाना क्षेत्र की पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का खुलासा किया है जो भोले-भाले ग्रामीणों को ठगकर उनके नाम से फर्जी सिम कार्ड जारी करवाता था और उन्हें साइबर अपराधियों तक पहुंचाता था। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों लाखन धाकड़ और सोनू धाकड़ को दबोच लिया है। यह कार्रवाई 'ऑपरेशन एफएएसटी' के अंतर्गत की गई है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteफ्री रिचार्ज का झांसा देकर लेते थे दस्तावेज Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी गांव-गांव जाकर महिलाओं को निशाना बनाते थे। वे सिम पोर्ट कराने और एक महीने का मुफ्त रिचार्ज देने का लालच देकर उनके मूल दस्तावेज और फिंगरप्रिंट ले लेते थे। इन महिलाओं को इस बात की भनक तक नहीं होती थी कि उनके नाम पर नई सिम एक्टिवेट की जा रही है। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमोहना थाना प्रभारी विनय तोमर ने बताया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल यानी एनसीआरपी पर मिली शिकायतों की जब गहराई से पड़ताल की गई, तो चार ऐसे मोबाइल नंबर सामने आए जिनका उपयोग साइबर ठगी में किया जा रहा था। जब इन नंबरों के आवेदन फॉर्म की जांच की गई, तो पता चला कि ये एयरटेल सिम विक्रेता लाखन धाकड़ द्वारा जारी किए गए थे। ये सभी सिम नीलम गुर्जर, अनीता राजावत, रन्नो भदौरिया और रामवाई के नाम पर रजिस्टर्ड थीं। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteमहज दो सौ रुपए में बेच देते थे सिम Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी लाखन ने स्वीकार किया कि वह साल 2021-22 से सिम बेचने और पोर्ट करने के व्यवसाय में सक्रिय है। वह महिलाओं की जानकारी के बिना उनके नाम पर सिम कार्ड निकलवाता था और उन्हें संबंधित महिलाओं को सौंपने के बजाए सोनू धाकड़ को 200-200 रुपए में बेच देता था। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteस्थानीय पुलिस अब इस बात का भी पता लगाने में जुटी है कि इन दोनों आरोपियों के जरिए अब तक कुल कितनी फर्जी सिम बेची जा चुकी हैं और इन नंबरों का इस्तेमाल देश के किन-किन हिस्सों में साइबर अपराध को अंजाम देने के लिए किया गया है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteपुलिस अधिकारियों का बयान Add text below Add image below09Quote Paragraph Heading Subheading Quoteफर्जी दस्तावेजों और धोखे से सिम कार्ड एक्टिवेट कर साइबर अपराधियों को बेचने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है तथा यह भी खंगाला जा रहा है कि इन नंबरों के जरिए कहां-कहां वित्तीय धोखाधड़ी की गई है। - रोबिन जैन, सीएसपी Add text below Add image below