Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर जिले के भितरवार स्थित अमरोल गांव में प्रस्तावित शतचंडी महायज्ञ को लेकर विवाद गरमा गया है। मिर्ची बाबा ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निर्माण में बाधा और मजदूरों से मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि स्थानीय प्रशासन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-5c0de7b2
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर जिले के भितरवार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अमरोल गांव में आयोजित होने वाले 51 कुंडीय शतचंडी महायज्ञ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी बैराग्यानंद गिरी महाराज, जिन्हें मिर्ची बाबा के नाम से जाना जाता है, ने इस सिलसिले में सीधे प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र भेजा है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteयज्ञशाला निर्माण और प्रशासनिक कार्रवाई पर तकरार Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमिर्ची बाबा की ओर से भेजे गए पत्र में दावा किया गया है कि आगामी 11 से 17 अक्टूबर तक होने वाले इस महायज्ञ की तैयारियां चल रही थीं। इसके तहत 108 फीट ऊंचे यज्ञ मंडप और यज्ञशाला का लगभग आधा निर्माण कार्य पूरा भी हो चुका था। बाबा का कहना है कि इस आयोजन की विधिवत सूचना करीब एक महीने पहले ही ग्वालियर कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक, भितरवार एसडीएम और स्थानीय थाने को दे दी गई थी। Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteहालांकि, पिछले 15 दिनों से निर्माण कार्य में अड़चनें डालने के आरोप लगाए गए हैं। पत्र में मुख्य रूप से यह शिकायत की गई है कि भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया और चीनोर थाना प्रभारी शैलेंद्र गुर्जर द्वारा रात के समय निर्माण स्थल पर पहुंचकर मजदूरों के साथ मारपीट की गई और उन्हें भगा दिया गया। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएसडीएम और थाना प्रभारी ने दी अपनी सफाई Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteदूसरी तरफ, प्रशासनिक अधिकारियों ने मिर्ची बाबा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। भितरवार एसडीएम राजीव समाधिया ने स्पष्ट किया है कि उनके कार्यालय में इस आयोजन की अनुमति को लेकर कोई भी आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने यह भी साफ किया कि प्रशासन की तरफ से यज्ञ पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteवहीं, चीनोर थाना प्रभारी शैलेंद्र गुर्जर का पक्ष है कि गांव के सरपंच और अन्य ग्रामीणों ने पंचायत की बिना सूचना के आयोजन किए जाने की शिकायत करते हुए आवेदन दिया था। इसके अलावा, प्रस्तावित स्थल के पास स्थित एक पेट्रोल पंप के संचालक ने भी सुरक्षा और नियमों को लेकर आपत्ति दर्ज कराई है, जिसके बाद नियमानुसार आयोजकों को नोटिस थमाकर जवाब तलब किया गया है। Add text below Add image below08Heading Paragraph Heading Subheading Quoteसंत समाज ने की उच्चस्तरीय जांच और सुरक्षा की मांग Add text below Add image below09Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमिर्ची बाबा ने इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो भी सार्वजनिक किया है। उनका कहना है कि इस महायज्ञ का मूल उद्देश्य जनकल्याण, राष्ट्रकल्याण और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा कार्य के 25 वर्ष पूरे होने पर उनकी दीर्घायु के साथ 'विज़न-2047' की सफलता की कामना करना है। Add text below Add image below10Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपत्र के माध्यम से मांग की गई है कि इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और कथित तौर पर अभद्रता करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई हो। साथ ही, यज्ञ में शामिल होने वाले देश भर के संत-महात्माओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता पुलिस बल तैनात करने की बात कही गई है। बाबा ने दोहराया है कि संत समाज किसी भी तरह का टकराव नहीं चाहता, बल्कि यदि कोई कानूनी औपचारिकता शेष है तो प्रशासन उसे पूरा कराकर आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराए। Add text below Add image below