Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर के ऐतिहासिक अचलेश्वर महादेव मंदिर में सावन के महीने के दौरान दानपेटियां खोली गईं। इनसे नकदी के साथ-साथ कीमती धातुएं और दुर्लभ वस्तुएं भी प्राप्त हुईं।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-5631b90b
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर के प्रसिद्ध और प्राचीन अचलेश्वर महादेव मंदिर में प्रबंधन द्वारा दानपेटियों को खोले जाने की प्रक्रिया पूरी की गई। पवित्र सावन माह के दौरान मंदिर में उमड़ने वाली भारी भीड़ के बीच भक्तों ने जमकर दान दिया है। Add text below Add image below02Heading Paragraph Heading Subheading Quoteदानपेटियों से मिली नकद राशि Add text below Add image below03Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक राजेश पराशर द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बार करीब 14 से 15 दानपेटियों को खोला गया था। जिनकी गणना करने पर कुल 6,49,740 रुपये की नकद राशि प्राप्त हुई है। Add text below Add image below04Heading Paragraph Heading Subheading Quoteहीरा, सोना और ऐतिहासिक चांदी के सिक्के Add text below Add image below05Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteनकद राशि के अलावा गिनती के दौरान एक विशेष पैकेट भी निकला, जिसने सभी का ध्यान आकर्षित किया। इस पैकेट में 22 कैरेट का एक छोटा सोने का सिक्का और 0.56 ग्राम हीरे से जड़ी 18 कैरेट सोने की कान की बाली शामिल है। इसके साथ ही जॉर्ज पंचम के शासनकाल का एक पुराना चांदी का सिक्का, चांदी का नाग-नागिन का जोड़ा और चांदी की बेलपत्री भी दान स्वरूप मिली है। Add text below Add image below06Heading Paragraph Heading Subheading Quoteगुप्त दान की पर्ची और मंदिर की व्यवस्था Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइन बहुमूल्य वस्तुओं के साथ एक हस्तलिखित पर्ची भी मिली है, जिस पर गुप्त दान होने की बात लिखी गई थी। पर्ची में यह भी दर्ज था कि चढ़ाई गई वस्तुएं पूरी तरह शुद्ध हैं और जांच कराई जा सकती है। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteट्रस्ट का कहना है कि सावन के दौरान भक्तों की संख्या में हर साल इजाफा होता है। इस बार नकद राशि के साथ कीमती आभूषण और ऐतिहासिक सिक्के मिलना विशेष रहा है। सभी वस्तुओं का विधिवत रिकॉर्ड तैयार करके उन्हें मंदिर की संपत्ति के रूप में सुरक्षित रखा जा रहा है। Add text below Add image below