Story detailsHeadline, summary, section, and byline.HeadlineSummaryग्वालियर पुलिस ने आठ साल से फरार चल रहे दहेज प्रताड़ना के आरोपी पिता-पुत्र को भिंड से गिरफ्तार कर लिया है। ये दोनों आरोपी अपनी पहचान बदलकर गुजरात में छिपकर रह रहे थे और पारिवारिक कार्यक्रम के निमंत्रण कार्ड से मिले सुराग के आधार पर पुलिस के हत्थे चढ़े।Categoryदुर्घटनाराजनीतिसमस्या/problemस्थानीयअपराधशिक्षाखेलमनोरंजनव्यापारस्थानीयDistrictNo districtग्वालियरदेशमुरैनाभिंडश्योपुरदतियाशिवपुरीगुनाअशोकनगरAuthorEditorial deskMushtaq Ahmad Khan - Editor In Chiefiuyiuhकृषि डेस्क - कृषि संवाददाताक्राइम डेस्क - अपराध संवाददाताधर्म डेस्क - धर्म संपादकपर्यटन डेस्क - पर्यटन संवाददाताराजनीति डेस्क - राजनीतिक विश्लेषकव्यापार डेस्क - व्यापार संवाददाताशिक्षा डेस्क - शिक्षा संवाददातासंपादकीय डेस्क - वरिष्ठ संपादकसांस्कृतिक डेस्क - सांस्कृतिक संपादकस्पोर्ट्स डेस्क - खेल संवाददाताPublish timeStory URLURL slug/article/gwalior-story-4f369b18
StoryWrite in reading order. Add images exactly where they should appear. Text block Image block01Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteग्वालियर अंचल में लंबे समय से पुलिस के लिए चुनौती बने दहेज प्रताड़ना के एक मामले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने पिछले आठ वर्षों से फरार चल रहे आरोपी पिता और पुत्र को धर दबोचा है। दोनों आरोपी कानून की पकड़ से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने और पहचान बदलकर गुजरात के विभिन्न शहरों में रह रहे थे। Add text below Add image below02Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमहिला सुरक्षा डीएसपी शिखा सोनी ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि एक नवविवाहिता की शिकायत के आधार पर महिला थाने में उसके पति मंगल सिंह उर्फ पुतुआ राजावत और ससुर सुरेश सिंह राजावत के खिलाफ दहेज प्रताड़ना व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप लगाया गया था कि ये दोनों दहेज में नकदी और कार की मांग को लेकर विवाहिता को लगातार शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना दे रहे थे और बाद में उसे घर से बाहर निकाल दिया था। Add text below Add image below03Heading Paragraph Heading Subheading Quoteजमानत के बाद से चल रहे थे फरार Add text below Add image below04Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteमुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था और वे कुछ समय तक जेल में भी रहे। हालांकि, अदालत से जमानत मिलने के बाद से ही वे फरार हो गए और अदालत में पेश नहीं हुए। पिछले आठ वर्षों से स्थानीय पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास कर रही थी, लेकिन शातिर तरीके से ठिकाने बदलने के कारण वे हर बार पुलिस की पकड़ से दूर रहने में कामयाब हो जाते थे। Add text below Add image below05Heading Paragraph Heading Subheading Quoteएक कार्ड ने खोला राज और भिंड में बिछाया जाल Add text below Add image below06Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteफरार आरोपियों की टोह लेने के लिए पुलिस की एक विशेष टीम ने पिछले चार दिनों तक गुजरात में डेरा डाला हुआ था। जब पुलिस टीम उनके संभावित पते पर पहुंची, तो वे वहां नहीं मिले। हालांकि, गहन तलाशी के दौरान पुलिस के हाथ एक पारिवारिक कार्यक्रम का निमंत्रण कार्ड लगा, जिस पर भिंड का पता अंकित था। इसी एक सुराग को आधार बनाते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सोमवार की रात भिंड में दबिश देकर दोनों को धर दबोचा। Add text below Add image below07Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteपूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे गिरफ्तारी से बचने के लिए कुछ ही महीनों में अपने ठिकाने बदल देते थे। वे कई सालों बाद पहली बार किसी पारिवारिक समारोह में शामिल होने अपने गृह क्षेत्र पहुंचे थे, जहां पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। अब पुलिस इस बात की भी गहराई से जांच कर रही है कि इन आठ वर्षों की फरारी के दौरान किन-किन लोगों ने इन्हें शरण दी और आर्थिक मदद पहुंचाई। Add text below Add image below08Paragraph Paragraph Heading Subheading Quoteइस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली विशेष टीम में महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया, एएसआई संतपाल सिंह, वीर सिंह राजावत, प्रधान आरक्षक असीम कृष्ण यादव, मुकेश यादव, आरक्षक अंकुर शर्मा, राजदीप जाट और महिला आरक्षक काजल जादौन शामिल रहे। पुलिस मंगलवार को दोनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय में पेश करेगी। Add text below Add image below